PFRDA ने NPS सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट पेआउट के लिए दो नए विकल्प दिए हैं: Systematic Lump Sum Withdrawal (SLW) और Systematic Unit Redemption (SUR)।
रिटायरमेंट के बाद फंड मैनेजमेंट के लिए PFRDA ने गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स को अब अधिक आजादी दी है। आप अपनी सुविधा के अनुसार SLW या SUR के जरिए पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन दोनों के अपने अलग नफे-नुकसान हैं।
Systematic Lump Sum Withdrawal (SLW) क्या है?
यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो हर महीने या तिमाही एक निश्चित राशि चाहते हैं। इसमें आप एक फिक्स्ड रुपया अमाउंट चुनते हैं और सिस्टम उतनी यूनिट्स बेच देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको बाजार की हलचल से बिना डरे हर महीने एक फिक्स्ड इनकम मिलती है। लेकिन, ध्यान रहे कि अगर मार्केट गिरता है, तो उतनी ही रकम पाने के लिए सिस्टम को अधिक यूनिट्स बेचनी पड़ेंगी, जिससे आपका कॉर्पस जल्दी खत्म हो सकता है।
Systematic Unit Redemption (SUR) कैसे काम करता है?
यहाँ आप फिक्स्ड रकम नहीं, बल्कि यूनिट्स की एक तय संख्या चुनते हैं। जब बाजार बढ़ता है, तो आपकी कमाई बढ़ जाती है, लेकिन जब बाजार गिरता है, तो हाथ में आने वाला कैश कम हो जाता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो बाजार की गिरावट के समय अपनी यूनिट्स बचाकर रखना चाहते हैं। हालांकि, इससे आपकी मंथली इनकम फिक्स नहीं रहती, जो कि घर के जरूरी खर्चों के लिए चुनौती बन सकती है।
नियम और पात्रता
मौजूदा नियमों के मुताबिक, अगर आपका कुल कॉर्पस ₹12 लाख से ज्यादा है, तो आपको कम से कम 20% राशि से एन्युटी लेनी होगी, बाकी 80% आप निकाल सकते हैं। वहीं, यदि कुल कॉर्पस ₹8 लाख या उससे कम है, तो आप 100% पैसा एक साथ निकाल सकते हैं। अंत में, फैसला आपकी लिक्विडिटी पर निर्भर करता है—क्या आप फिक्स्ड इनकम चाहते हैं या मार्केट की तेजी का फायदा उठाने के लिए जोखिम लेने को तैयार हैं?
