National Pension System (NPS) के इक्विटी स्कीम्स ने अक्टूबर 2026 तक **11.3%** तक का नुकसान दर्ज किया है। बाजार की उठापटक के बीच डेट फंड्स ने निवेशकों के लिए एक सुरक्षित कवच का काम किया है, जो पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग की जरूरत को साफ दर्शाता है।
पिछले 12 महीनों में मार्केट की अस्थिरता ने रिटायरमेंट पोर्टफोलियो पर सीधा असर डाला है। अक्टूबर 26, 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स में दोहरे अंकों (double-digit) की गिरावट देखी गई है, जिसने निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फंड्स का परफॉर्मेंस रिपोर्ट
इक्विटी मार्केट्स के दबाव का सीधा असर यूनिट्स की वैल्यू पर पड़ा है:
- Kotak Pension Fund: 11.30% की गिरावट।
- DSP Pension Scheme: 10.41% की गिरावट।
- Axis Pension Scheme: 10.06% की गिरावट।
डेट फंड्स बने मददगार
जहां इक्विटी पोर्टफोलियो संघर्ष कर रहे थे, वहीं सरकारी सिक्योरिटीज और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स ने एक सुरक्षा घेरा तैयार किया। इन डेट इंस्ट्रूमेंट्स ने 0.28% से 2.59% तक का रिटर्न देकर स्थिरता बनाए रखी। इसमें State Bank of India और UTI Pension Fund का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जो यह साबित करता है कि सही एसेट मिक्स से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। डेटा साफ है: कंजर्वेटिव एलोकेशन वाले पोर्टफोलियो ने 2.19% का मुनाफा कमाया, जबकि आक्रामक इक्विटी पोर्टफोलियो को 3.17% का नुकसान झेलना पड़ा।
अगर आप युवा हैं और रिटायरमेंट में लंबा समय बाकी है, तो गिरावट का मतलब है कि आपको कम कीमत पर अधिक यूनिट्स खरीदने का मौका मिल रहा है। लेकिन, जो लोग रिटायरमेंट के करीब हैं, उन्हें अपना रिस्क ऐपेटाइट (Risk Appetite) देखते हुए तुरंत अपना इक्विटी-टू-डेट रेश्यो चेक कर लेना चाहिए ताकि भविष्य में पूंजी पर कोई बड़ा खतरा न आए।
