NPS AUM ₹3.74 लाख करोड़ के पार! डेट फंड्स चमके, इक्विटी फंड्स बेंचमार्क से पीछे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NPS AUM ₹3.74 लाख करोड़ के पार! डेट फंड्स चमके, इक्विटी फंड्स बेंचमार्क से पीछे
Overview

National Pension System (NPS) का 'ऑल सिटिजन मॉडल' एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए **₹3.74 लाख करोड़** के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के पार पहुंच गया है। 17 साल के इस सफर में NPS के डेट फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन इक्विटी फंड्स 10 साल के लंबे समय में Nifty 100 TRI बेंचमार्क से थोड़ा पिछड़ गए हैं।

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NPS का AUM ₹3.74 लाख करोड़ के पार!

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का 'ऑल सिटिजन मॉडल' 17 साल के अपने सफर में ₹3.74 लाख करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का अहम पड़ाव पार कर गया है। यह भारतीय फाइनेंशियल मार्केट में निवेशक की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है, जहाँ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM फरवरी 2026 तक ₹82.03 ट्रिलियन तक पहुंच गया था।

डेट फंड्स ने दिखाया दम

NPS की खास बात यह है कि इसके डेट फंड्स ने बेहतरीन रिटर्न दिया है। खास तौर पर, फंड C (कॉर्पोरेट बॉन्ड) और फंड G (गवर्नमेंट सिक्योरिटीज) ने सालाना 8.6% और 8.8% का रिटर्न जेनरेट किया है। यह रिटर्न इसी तरह के दूसरे म्यूचुअल फंड कैटेगरीज की तुलना में काफी ज्यादा है, जिन्हें 5 साल की अवधि में लगभग 6.8% (कॉर्पोरेट बॉन्ड) और 5-6% (गिल्ट फंड) का रिटर्न मिला।

इक्विटी फंड्स बेंचमार्क से पीछे

वहीं, NPS के इक्विटी फंड्स का प्रदर्शन 10 साल के रोलिंग रिटर्न एनालिसिस में थोड़ा फीका रहा। टियर I अकाउंट्स के लिए इन्होंने 13.5% और टियर II के लिए 13.4% का रिटर्न दिया, जबकि Nifty 100 TRI बेंचमार्क ने इसी अवधि में 13.8% का रिटर्न दर्ज किया। ऐसा इसलिए है क्योंकि NPS के इक्विटी फंड्स अक्सर ज्यादा जोखिम उठाने के बजाय स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं।

बाजार का हाल और भविष्य की राह

फिलहाल, ग्लोबल टेंशन और महंगाई की चिंता के बीच RBI ने ब्याज दरों को 5.25% पर स्थिर रखा है, जो फिक्स्ड-इनकम यानी डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए फायदेमंद है। लेकिन, इक्विटी फंड्स का लगातार बेंचमार्क से थोड़ा पीछे रहना लंबे समय में रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए चिंता का विषय बन सकता है। ईरान संघर्ष जैसी वैश्विक घटनाएं कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा सकती हैं, जिसका असर स्टॉक मार्केट और कंपनियों के प्रॉफिट पर पड़ सकता है।

PFRDA की नई चालें

इन सबके बीच, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) NPS सिस्टम को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। 1 अप्रैल 2026 से नए मैनेजमेंट फीस लागू होंगे और 1 अक्टूबर 2025 से मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) आएगा, जिसमें नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स 100% तक इक्विटी में निवेश कर सकेंगे। PFRDA ने इंश्योरेंस एजेंट और फिनटेक फर्म्स जैसे नए एजेंट्स को भी NPS प्रोडक्ट्स बेचने की मंजूरी दी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.