विदेश जा रहे हैं? NPS अकाउंट को लेकर जान लें ये जरूरी नियम

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AuthorAditya Rao|Published at:
विदेश जा रहे हैं? NPS अकाउंट को लेकर जान लें ये जरूरी नियम

अगर आप काम या पढ़ाई के सिलसिले में विदेश जा रहे हैं, तो अपना NPS अकाउंट बंद करने की जरूरत नहीं है। बस आपको अपना KYC और रेजिडेंशियल स्टेटस अपडेट करना होगा। RBI के नियमों के मुताबिक, अब आपको सभी निवेश NRE या NRO बैंक अकाउंट के जरिए ही करने होंगे।

विदेश शिफ्ट होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपना National Pension System (NPS) अकाउंट बंद करना होगा। भारतीय नागरिक जो NRI बन जाते हैं, वे विदेश में रहने के दौरान भी अपने Tier-I अकाउंट को जारी रख सकते हैं। हालांकि, रेजिडेंशियल स्टेटस बदलने पर आपको कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा ताकि रिटायरमेंट के समय पैसे निकालते वक्त कोई परेशानी न आए।

बैंकिंग और KYC अपडेट है जरूरी

विदेश जाने के बाद सबसे पहला कदम है कि आप Central Recordkeeping Agency (CRA) के पास अपना रेजिडेंशियल स्टेटस और KYC डिटेल्स अपडेट करवाएं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और Foreign Exchange Management Act (FEMA) के नियमों के तहत, एक बार NRI स्टेटस होने के बाद आप रेगुलर सेविंग अकाउंट से NPS में पैसे जमा नहीं कर सकते। अब आपको अपने निवेश के लिए NRE या NRO अकाउंट का इस्तेमाल करना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो विड्रॉल (Withdrawal) के समय आपको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, ध्यान रहे कि NRIs के लिए Tier-II अकाउंट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर आप पहले कॉर्पोरेट NPS का हिस्सा थे, तो आप इसे 'ऑल-सिटिजन्स मॉडल' में बदल सकते हैं। अपने रिकॉर्ड्स को समय पर अपडेट रखना बेहद जरूरी है, ताकि पेंशन के समय कागजी कार्रवाई में देरी न हो।

अंतरराष्ट्रीय टैक्स का गणित

भारत में NPS एक टैक्स-एफिशिएंट निवेश है, जहाँ 60% लम्प-सम विड्रॉल पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन आपको उस देश के टैक्स कानूनों का भी ध्यान रखना होगा जहाँ आप रह रहे हैं। कई देश NPS के टैक्स-डेफर्ड बेनिफिट्स को नहीं मानते और वहां आपको सालाना ग्रोथ पर भी टैक्स देना पड़ सकता है।

इसलिए, सलाह दी जाती है कि भारत और उस देश के बीच 'Double Taxation Avoidance Agreement' (DTAA) को जरूर चेक करें। साथ ही, अगर आप कभी भारत की नागरिकता छोड़ते हैं, तो आपका NPS अकाउंट अपने आप बंद हो जाएगा। बेहतर यही है कि निवेश जारी रखने से पहले किसी ऐसे टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें, जिसे दोनों देशों के नियमों की अच्छी समझ हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.