होम लोन बंद होने के बाद प्रॉपर्टी के ओरिजिनल कागजात न मिलने पर परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। RBI के नए नियमों के तहत, बैंकों को लोन क्लोजर के **30** दिनों के भीतर कागजात वापस करने होंगे, अन्यथा उन पर **₹5,000** प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा।
बैंक की जिम्मेदारी और नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2023 के आदेश के अनुसार, बैंकों के पास अब कोई बहाना नहीं चलेगा। यदि बैंक की गलती से कागजात खो गए हैं या बैंक उन्हें समय पर वापस नहीं कर पा रहा है, तो बैंक को ही कागजात दोबारा बनवाने का सारा खर्चा उठाना होगा। इसमें कानूनी फीस और रजिस्ट्रेशन का खर्च भी शामिल है।
अगर कागजात गायब हों तो क्या करें?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक और ग्राहक का संबंध 'बेलमेंट' (Bailment) का होता है। इसका मतलब है कि बैंक को आपकी संपत्ति के कागजात की सुरक्षा वैसे ही करनी है जैसे वे खुद की करते हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि बैंक यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकते कि उन्होंने कागजात कभी लिए ही नहीं थे।
शिकायत और समाधान का रास्ता
यदि आपका बैंक कागजात वापस करने में आनाकानी कर रहा है, तो इन स्टेप्स का पालन करें:
- सबसे पहले बैंक के Grievance Officer को आधिकारिक रूप से सूचित करें।
- यदि वहां समाधान नहीं मिलता, तो मामले को RBI Integrated Ombudsman Scheme के पास ले जाएं।
भविष्य के लिए सावधानी
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोन पूरा होने का इंतज़ार न करें। समय-समय पर बैंक से 'स्टेटमेंट ऑफ कोलेटरल' मांगें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके कागजात बैंक की कस्टडी में सुरक्षित हैं। यह छोटी सी सावधानी आपको आगे आने वाली बड़ी कानूनी सिरदर्दी से बचा सकती है।
