असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त, 2026 बीत चुकी है। अगर आप रिटर्न नहीं भर पाए हैं, तो अभी भी 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको पेनल्टी और ब्याज चुकाना होगा।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है, लेकिन अगर आप इसे मिस कर गए हैं तो चिंता की बात नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट के तहत आप अब भी कानूनी तौर पर अपनी फाइलिंग पूरी कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए आपको कुछ अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।
कब तक भर सकते हैं रिटर्न?
आप सेक्शन 139(4) के तहत 31 दिसंबर, 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। याद रखें कि यह देरी आपको महंगी पड़ेगी। सेक्शन 234F के तहत, अगर आपकी इनकम ₹5 लाख से ज्यादा है, तो आपको ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी। वहीं, ₹5 लाख से कम आय वाले टैक्सपेयर्स के लिए यह जुर्माना ₹1,000 है।
ब्याज का गणित और अन्य नुकसान
देरी केवल पेनल्टी तक सीमित नहीं है। सेक्शन 234A के तहत आपको बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। इसके अलावा, निवेशकों और व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर आप अपने कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को भविष्य के लिए 'Carry Forward' करने का अधिकार खो देते हैं। इसका मतलब है कि आप आने वाले सालों में अपने मुनाफे को घटाने के लिए इन नुकसानों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
ऑडिट और अपडेटेड रिटर्न
जिनके लिए टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, उनके पास अभी समय है। ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है, जबकि ITR भरने की डेडलाइन 31 अक्टूबर है। वहीं, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट वाले मामलों में समय सीमा 30 नवंबर तक है।
अगर आप अपनी गलती सुधारना चाहते हैं, तो ITR-U (अपडेटेड रिटर्न) का विकल्प मौजूद है। हालांकि, इसमें आपको मूल टैक्स और ब्याज के ऊपर 25% से 70% तक का अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। बेहतर यही है कि 31 दिसंबर की डेडलाइन से पहले ही अपना रिटर्न भर दें ताकि आगे चलकर विभाग की सख्ती से बचा जा सके।
