एक भी EMI मिस करने से आपका क्रेडिट स्कोर **50 से 100 पॉइंट** तक गिर सकता है! ये रिकॉर्ड **7 साल** तक रह सकता है और भविष्य में लोन मिलने या ब्याज दर पर असर डाल सकता है। जानिए कैसे ठीक करें।
क्या हुआ?
कई लोगों के लिए, एक भी ईएमआई (EMI) का भुगतान चूक जाना एक छोटी सी चूक जैसा लग सकता है। लेकिन, बैंक और क्रेडिट ब्यूरो (Credit Bureau) के लिए, समय पर भुगतान आपकी वित्तीय विश्वसनीयता का सबसे अहम पैमाना है। आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ एक ईएमआई मिस करने से आपका क्रेडिट स्कोर 50 से 100 पॉइंट तक नीचे गिर सकता है। इससे आप लोन के लिए एक अच्छे उम्मीदवार से सीधे ऊंचे जोखिम वाले आवेदक बन जाते हैं।
क्रेडिट स्कोर क्यों गिरता है?
क्रेडिट ब्यूरो को बैंकों से आपकी भुगतान की जानकारी मिलती रहती है, जिसे 'डेज़ पास्ट ड्यू' (DPD) कहा जाता है। जब आप ड्यू डेट तक ईएमआई नहीं भरते, तो यह देरी रिकॉर्ड हो जाती है। बैंक इसी डेटा का इस्तेमाल आपके जोखिम का अंदाज़ा लगाने के लिए करते हैं। ईएमआई मिस होना यह संकेत देता है कि आप शायद पैसों की तंगी से गुजर रहे हैं या वित्तीय प्रबंधन ठीक नहीं है, जिससे बैंक आपको ज्यादा जोखिम भरा मानने लगते हैं।
लंबे समय तक दिखेगा असर
भले ही स्कोर पर तुरंत असर पड़ता है, लेकिन छूटी हुई ईएमआई का रिकॉर्ड रातों-रात गायब नहीं होता। देरी से भुगतान का ये रिकॉर्ड आपके क्रेडिट रिपोर्ट पर 7 साल तक बना रह सकता है। समय के साथ इसका असर स्कोर पर कम होता जाता है, लेकिन यह आपके क्रेडिट इतिहास का हिस्सा बना रहता है। भविष्य में जब आप लोन के लिए आवेदन करेंगे, तो बैंक इस पुरानी चूक को देख सकते हैं, जिससे लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है या ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।
रिकवरी का रास्ता
बिगड़े हुए क्रेडिट स्कोर को सुधारने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है। एक ईएमआई मिस करने से आपका क्रेडिट भविष्य हमेशा के लिए खराब नहीं होता, लेकिन विश्वास फिर से बनाने के लिए अनुशासित भुगतान की अवधि ज़रूरी है। आमतौर पर, पिछली चूक के नकारात्मक प्रभाव को बेअसर करने के लिए 12 से 24 महीने तक नियमित और समय पर भुगतान करना पड़ता है। रिकवरी में सबसे अहम बात यह साबित करना है कि छूटी हुई ईएमआई एक अकेली घटना थी, कोई आदत नहीं।
क्या करें?
गलती से भी ईएमआई मिस न हो, इसके लिए अपने भुगतान सिस्टम को बेहतर ढंग से मैनेज करें। ईएमआई चूकने का सबसे आम कारण वह बैंक खाता है जिससे ऑटो-डेबिट (auto-debit) सेट है, उसमें पर्याप्त पैसे न होना। ईएमआई राशि से थोड़ा ज्यादा बैलेंस हमेशा खाते में रखने से बाउंस चार्ज और नकारात्मक रिपोर्टिंग से बचा जा सकता है। साथ ही, अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को नियमित रूप से जांचते रहें ताकि किसी भी गलती या देरी की रिपोर्टिंग का पता चल सके। अगर ईएमआई मिस हो जाती है, तो तुरंत बकाया राशि का भुगतान करें और बैंक से बात करें। इससे कुछ हद तक आगे की पेनल्टी कम हो सकती है, हालांकि, रिपोर्ट होने के बाद स्कोर पर पड़े असर को ठीक करना मुश्किल होता है।
