बच्चों की उम्र में बड़ा अंतर? एजुकेशन फंड के साथ रिटायरमेंट बचाने का स्मार्ट तरीका

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AuthorMehul Desai|Published at:
बच्चों की उम्र में बड़ा अंतर? एजुकेशन फंड के साथ रिटायरमेंट बचाने का स्मार्ट तरीका

जिन माता-पिता के बच्चों के जन्म में लंबा गैप है, उनके लिए एजुकेशन प्लानिंग बड़ी चुनौती होती है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए हर बच्चे के लिए अलग लक्ष्य तय करना ही रिटायरमेंट को सुरक्षित रखने का इकलौता रास्ता है।

जब बच्चों की उम्र में बड़ा अंतर होता है, तो फाइनेंशियल प्लानिंग और भी पेचीदा हो जाती है। कई पैरेंट्स के लिए शिक्षा का वित्तीय बोझ कई दशकों तक खिंच जाता है, जो सीधे तौर पर उनकी रिटायरमेंट प्लानिंग से टकराता है। यदि आप समय रहते एक स्ट्रक्चर्ड तरीका नहीं अपनाते, तो छोटे बच्चे की पढ़ाई का खर्च आपके रिटायरमेंट सेविंग्स के पीक इयर्स के साथ टकरा सकता है, जो एक बड़ा रिस्क है।

सबसे बड़ी गलती: एक ही बास्केट में प्लानिंग

फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, सबसे बड़ी गलती एजुकेशन के खर्च को एक ही लक्ष्य (Lump-sum goal) के रूप में देखना है। एजुकेशन इन्फ्लेशन (Education Inflation) की वजह से यह रणनीति पूरी तरह विफल हो जाती है। बड़े बच्चे की डिग्री और छोटे बच्चे की डिग्री की लागत में जमीन-आसमान का अंतर होगा। अगर आप इसे अलग-अलग फंड्स (Segregated Buckets) में नहीं बांटते, तो आप अपने लक्ष्यों से पीछे रह सकते हैं।

रिटायरमेंट फंड को हाथ न लगाएं

निवेशकों के लिए सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है, जब वे बच्चों की ट्यूशन फीस भरने के लिए अपने रिटायरमेंट फंड को तोड़ देते हैं। रिटायरमेंट कॉरपस से पैसा निकालने पर आप कंपाउंडिंग की ताकत खो देते हैं। यह नुकसान अक्सर स्थायी होता है, जिसे रिटायरमेंट के करीब ठीक करना लगभग नामुमकिन है। आपका लक्ष्य हर हाल में अपने रिटायरमेंट पोर्टफोलियो को प्रोटेक्ट करना होना चाहिए।

ट्रांजिशन विंडो का करें इस्तेमाल

जब एक बच्चा कॉलेज खत्म कर ले और दूसरे के शुरू होने में वक्त हो, तो उस 'ट्रांजिशन विंडो' का समझदारी से इस्तेमाल करें। जीवनशैली पर खर्च बढ़ाने के बजाय, उस बचे हुए पैसे को रिटायरमेंट अकाउंट या छोटे बच्चे के एजुकेशन फंड में निवेश कर दें। यह आदत आपको रिटायरमेंट टालने जैसी नौबत से बचाएगी।

विकल्प क्या हैं?

अगर छोटे बच्चे की पढ़ाई का खर्च रिटायरमेंट फंड को खतरे में डाल रहा हो, तो अपनी जमा-पूंजी खत्म करने के बजाय एजुकेशन लोन (Education Loan) या स्कॉलरशिप का विकल्प चुनें। बेहतर होगा कि 45 साल की उम्र में ही अपने पूरे रिटायरमेंट ट्रैक का रिव्यु करें, ताकि भविष्य में कैश फ्लो की तंगी के कारण आपको अपनी निवेश रणनीति के साथ समझौता न करना पड़े।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.