Loan Guarantor बनने की गलती: Credit Score पर असर और कानूनी उलझनें

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Loan Guarantor बनने की गलती: Credit Score पर असर और कानूनी उलझनें

Loan Guarantor बनना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक कानूनी जिम्मेदारी है। यदि उधार लेने वाला व्यक्ति EMI भरने में चूक करता है, तो इसका सीधा असर आपके Credit Score और भविष्य में लोन लेने की क्षमता पर पड़ेगा।

अक्सर लोग किसी दोस्त या रिश्तेदार की मदद के लिए बिना सोचे-समझे लोन गारंटी फॉर्म पर साइन कर देते हैं। लेकिन, कानूनी और फाइनेंशियल नजरिए से यह कदम आपको एक 'सेकेंडरी डेटर' (Secondary Debtor) बना देता है। याद रखें, यह सिर्फ कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर कॉन्ट्रैक्ट है।

कानूनी जिम्मेदारी और देनदारी (Co-extensive Liability)

भारतीय कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872 की Section 128 के तहत, गारंटर की जिम्मेदारी मुख्य उधारकर्ता के बराबर होती है। इसका सीधा मतलब है कि बैंक को पहले उधार लेने वाले के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। यदि वह व्यक्ति डिफॉल्ट करता है, तो बैंक सीधे आपसे पूरी बकाया रकम, ब्याज और पेनल्टी की मांग कर सकता है।

क्रेडिट प्रोफाइल पर बुरा असर

बैंक लोन की जानकारी CIBIL जैसे क्रेडिट ब्यूरो को देते हैं। गारंटी वाला लोन आपके खुद के क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देता है। अगर मुख्य उधारकर्ता समय पर पैसा नहीं चुकाता, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है। इसका परिणाम यह होगा कि जब आप खुद होम लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करेंगे, तो बैंक आपके 'डेट-टू-इनकम रेश्यो' (Debt-to-Income Ratio) को बढ़ाकर देखेगा, जिससे आपको लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है या ब्याज दर ज्यादा चुकानी पड़ सकती है।

गारंटी से बाहर निकलना मुश्किल

एक बार साइन करने के बाद इस जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाना बेहद कठिन है। आप सिर्फ इसलिए गारंटी वापस नहीं ले सकते कि आपका मन बदल गया या उधार लेने वाले से रिश्ते खराब हो गए। बैंक आपको तभी मुक्त करता है जब उधारकर्ता कोई नया गारंटर लाए, कोई नई कोलैटरल (Collateral) जमा करे, या पूरा लोन चुका दे।

क्या सावधानी बरतें?

गारंटर बनने से पहले बैंक की तरह ही सख्ती बरतें। उधार लेने वाले की कमाई की स्थिरता और कर्ज चुकाने की क्षमता का आकलन करें। खुद से पूछें—अगर उधारकर्ता ने पैसे देना बंद किया, तो क्या आप इतनी राशि चुकाने में सक्षम हैं कि आपके अपने जरूरी फाइनेंशियल लक्ष्य जैसे बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट प्लानिंग प्रभावित न हों? हमेशा एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें कि आपकी जिम्मेदारी किस हद तक सीमित है और पूरी पारदर्शिता बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.