Joint Loan का दर्द! ब्रेकअप के बाद भी Credit Score पर पड़ेगा भारी असर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Joint Loan का दर्द! ब्रेकअप के बाद भी Credit Score पर पड़ेगा भारी असर

किसी के साथ मिलकर लोन (Joint Loan) लेना या गारंटर बनना, रिश्ता टूटने के बाद भी आपको कर्जदार बना सकता है। अगर मुख्य कर्जदार किश्तें नहीं चुकाता है, तो आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) बुरी तरह प्रभावित होगा और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।

संयुक्त कर्ज का कानूनी जाल

जब आप किसी के साथ मिलकर लोन लेते हैं या किसी के लोन के लिए गारंटर (Guarantor) बनते हैं, तो आप बैंक के साथ एक कानूनी समझौते में बंध जाते हैं। बहुत से लोग यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि उनके क्रेडिट स्कोर पर सिर्फ उनके अपने खर्चों और पेमेंट का ही असर पड़ता है। लेकिन, हकीकत यह है कि बैंक डिफ़ॉल्ट (Default) होने की स्थिति में प्राइमरी बॉरोअर (Primary Borrower) और को-साइनर (Co-signer) में कोई फर्क नहीं करते। यदि मुख्य कर्जदार किश्तें चुकाना बंद कर देता है, तो इससे जुड़े सभी लोगों के क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है।

रिश्तों से परे क्यों बनी रहती है संयुक्त देनदारी?

तलाक या किसी भी तरह के पार्टनरशिप के खत्म होने जैसी बड़ी निजी घटनाओं के बाद भी कानूनी जिम्मेदारियां बनी रहती हैं। डिवोर्स डिक्री (Divorce Decree) या आपसी समझौता बैंक के साथ हुए लोन के नियमों को नहीं बदल सकता। अगर आपका पूर्व साथी होम लोन (Home Loan) की किश्तें नहीं चुकाता है, तो बैंक बकाया राशि की वसूली आपसे कर सकता है। क्रेडिट ब्यूरो (Credit Bureau) को लोन के प्रदर्शन की जानकारी मिलती है, इसलिए हर लेट पेमेंट (Late Payment) या छूटी हुई किश्त उस खाते से जुड़े हर व्यक्ति के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है।

अपनी कानूनी देनदारी को समझें

यह समझना महत्वपूर्ण है कि आप लोन से किस तरह से जुड़े हुए हैं। एक जॉइंट बॉरोअर (Joint Borrower) संपत्ति के मालिकाना हक के साथ-साथ पेमेंट की जिम्मेदारी भी साझा करता है। एक को-बॉरोअर (Co-borrower) आमतौर पर पेमेंट की देनदारी साझा करता है। गारंटर बैंक के लिए एक सुरक्षा जाल की तरह होता है; अगर मुख्य कर्जदार भुगतान करने में विफल रहता है, तो गारंटर कानूनी तौर पर बकाया राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार होता है। कुछ मामलों में, इससे गारंटर को उस कार या बिजनेस के लोन का भुगतान करना पड़ सकता है, जो उसका अपना भी नहीं है।

अपने वित्तीय भविष्य को कैसे सुरक्षित करें?

इन व्यवस्थाओं से बाहर निकलना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि कर्ज देने वाला बैंक किसी निजी विवाद के कारण को-बॉरोअर का नाम हटाने के लिए बाध्य नहीं है। अपने नाम को संयुक्त लोन से हटवाने के लिए, आपको आमतौर पर बैंक की औपचारिक मंजूरी की आवश्यकता होती है। इसके लिए अक्सर प्राइमरी बॉरोअर को लोन को अपने नाम पर रिफाइनेंस (Refinance) करवाना पड़ता है या आपकी जगह किसी नए, स्वीकार्य गारंटर को लाना पड़ता है। इन कदमों के बिना, आप कानूनी रूप से उस कर्ज से जुड़े रहते हैं। किसी और के लिए कोई भी लोन डॉक्यूमेंट साइन करने से पहले, यह विचार करना आवश्यक है कि आप मूल रूप से उनके वित्तीय भविष्य के जोखिम को उठा रहे हैं। यदि आप पहले से ही को-साइनर या गारंटर हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करनी चाहिए कि लोन का भुगतान ठीक से हो रहा है, क्योंकि बैंक हमेशा भुगतान चूकने पर आपको तुरंत सूचित करने के लिए बाध्य नहीं होता है।

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