Retirement Product Sales: भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग का क्रेज, सेल्स में आया **50%** का तूफानी उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Retirement Product Sales: भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग का क्रेज, सेल्स में आया **50%** का तूफानी उछाल

रिटायरमेंट-फोक्स्ड फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की बिक्री में वित्त वर्ष **2027** की पहली छमाही के दौरान **50%** से ज्यादा का उछाल आया है। डेटा के अनुसार, अब लोग एकमुश्त निवेश के बजाय सिस्टमैटिक मंथली कंट्रीब्यूशन पर जोर दे रहे हैं।

भारत में अब लोग अपने बुढ़ापे की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच रिटायरमेंट से जुड़े फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की खरीद में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 80% खरीदार 'सिस्टमैटिक मंथली कंट्रीब्यूशन' को अपना रहे हैं, जबकि इस साल की शुरुआत में यह आंकड़ा सिर्फ 40% था। इसका मतलब है कि निवेशक अब 'लंप-सम' (एकमुश्त) निवेश की जगह अनुशासित और मंथली प्लानिंग पर भरोसा कर रहे हैं।

छोटे शहरों की धूम

अब यह चलन सिर्फ बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान कुल खरीदारी में 60% हो गया है, जो कि बड़े महानगरों के 40% से कहीं ज्यादा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने फिजिकल इंटरमीडियरीज की जरूरत खत्म कर दी है, जिससे छोटे शहरों के निवेशक आसानी से फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स तक पहुंच बना पा रहे हैं।

आय का गणित

आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) का दायरा बढ़ रहा है। सालाना ₹5 लाख से कम कमाने वाले लोगों का योगदान कुल खरीदारी में 35% है, जो कि ₹10 लाख से ज्यादा कमाने वाले वर्ग के बराबर है। यह दिखाता है कि मिडिल-इनकम ग्रुप भी अब अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए छोटे-छोटे निवेश कर रहा है।

अभी भी हैं चुनौतियां

बाजार में अभी भी कुछ डेमोग्राफिक गैप्स बाकी हैं। कुल निवेश में पुरुषों की हिस्सेदारी 85% है, जो महिला निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की बड़ी गुंजाइश को दर्शाती है। वहीं, वेतनभोगी (Salaried) वर्ग का मार्केट में 65% हिस्सा है, जबकि स्वरोजगार (Self-employed) करने वालों की हिस्सेदारी 30% है। चूंकि सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों के पास एम्प्लॉयर-बेक्ड पेंशन नहीं होती, इसलिए उन्हें अपने दम पर बचत के साधनों को और मजबूत करने की जरूरत है।

सिस्टमैटिक मंथली निवेश का चलन निवेशकों को मार्केट की अस्थिरता (Volatility) से भी बचाता है। आने वाले समय में बीमा और पेंशन सेक्टर में नई इनोवेशन से इन आंकड़ों के और बढ़ने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.