Indian Market Update: 'संतुलित' है बाजार! DSP के CEO की निवेशकों को सलाह - 'अनुशासन' और 'SIP' सबसे जरूरी

PERSONAL-FINANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Market Update: 'संतुलित' है बाजार! DSP के CEO की निवेशकों को सलाह - 'अनुशासन' और 'SIP' सबसे जरूरी
Overview

DSP Asset Managers के CEO और MD Kalpen Parekh का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) इस समय एक 'संतुलित' दौर में है। यह न तो बहुत महंगा है और न ही बहुत सस्ता। ऐसे में निवेशकों को अनुशासन बनाए रखने, Systematic Investment Plans (SIPs) और एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) पर ध्यान देना चाहिए।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

बाजार की 'संतुलित' चाल और निवेश का अनुशासन

Kalpen Parekh के मुताबिक, भारतीय बाजार (Indian Market) इस समय एक 'संतुलित' स्थिति में है, जहां वैल्यूएशन (Valuations) न तो बहुत ज्यादा चढ़े हुए हैं और न ही गिरे हुए। इसका मतलब है कि इस दौर में आसान और तेज रिटर्न की उम्मीद कम रखनी चाहिए, और सट्टा लगाने का जोखिम ज्यादा है। ऐसे में, Systematic Investment Plans (SIPs) जैसे अनुशासित निवेश और मजबूत एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। Nifty 50 का P/E रेश्यो करीब 20.9-21.4 के आसपास है, जो इसके 10 साल के औसत P/E 24.79 से कम है, जबकि BSE Sensex का P/E 21.1 पर है। यह बताता है कि कमाई के मुकाबले शेयर की कीमतें उचित हैं। ऐसे समय में, निवेशकों को जल्दी अमीर बनने के बजाय पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

विदेशी निवेश की सीमाएं और हाइब्रिड फंड्स का महत्व

विदेशों में निवेश की सीमाएं (Overseas Investment Limits) भारत में पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड्स द्वारा विदेशी निवेश पर 7 अरब डॉलर की कुल सीमा लगा रखी है, जो अब पूरी हो चुकी है। इस वजह से कई इंटरनेशनल फंड्स नए निवेशकों के लिए बंद हो गए हैं। ऐसे में, डाइवर्सिफिकेशन के लिए हाइब्रिड फंड्स (Hybrid Funds) और मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी (Multi-Asset Strategy) वाले फंड्स बहुत जरूरी हो जाते हैं। DSP Value Fund, जिसका मैनेजमेंट ₹1469 करोड़ है, ने अपने वैल्यू-फोकस्ड अप्रोच से लगातार 17.7% सालाना रिटर्न दिया है, जो ऐसी रणनीतियों की कामयाबी को दिखाता है।

सोने-चांदी की तेजी, महंगाई और फिक्स्ड इनकम पर राय

सोने (Gold) और चांदी (Silver) में हालिया तेजी, जहां सोना 2025 में 65.2% और चांदी 150.1% उछली है, ने भी डाइवर्सिफिकेशन को जटिल बना दिया है। हालांकि ये धातुएं आर्थिक कारणों और सेंट्रल बैंक की खरीद के चलते 2026 तक मजबूत रह सकती हैं, लेकिन इनकी हाई वोलैटिलिटी (Volatility), खासकर चांदी की, इसे जोखिम भरा बनाती है। वहीं, बढ़ती महंगाई (Inflation) के चलते फिक्स्ड इनकम (Fixed Income) में छोटी अवधि के निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि ब्याज दरों में बदलाव का असर कम हो। भारत का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) FY27 के लिए 4.6% रहने का अनुमान है, जो मार्च 2026 में करीब 3.4% था। भारतीय रुपया (Indian Rupee) के साल के अंत तक 104 प्रति USD तक कमजोर होने की आशंका भी विदेशी एसेट एलोकेशन में करेंसी रिस्क (Currency Risk) बढ़ाती है।

RBI का रुख और भविष्य का संकेत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रखा है और ग्रोथ व महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। FY27 के लिए GDP ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है, जो एक स्थिर आर्थिक विस्तार का संकेत देता है। कुल मिलाकर, बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, निवेशकों को धैर्य रखना होगा और अनुशासित निवेश, खासकर डाइवर्सिफाइड हाइब्रिड फंड्स के जरिए, पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.