ITAT का बड़ा फैसला: सीनियर सिटीजन को मिलेगा **₹9.91 लाख** का टैक्स रिफंड

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AuthorMehul Desai|Published at:
ITAT का बड़ा फैसला: सीनियर सिटीजन को मिलेगा **₹9.91 लाख** का टैक्स रिफंड

ITAT दिल्ली ने एक सीनियर सिटीजन को **₹9.91 लाख** का टैक्स रिफंड देने का आदेश दिया है। मामला IIFCL और REC बॉन्ड्स से मिली टैक्स-फ्री ब्याज राशि पर गलती से टैक्स चुकाने से जुड़ा है।

क्या था पूरा मामला?

गुरुग्राम के रहने वाले एक सीनियर सिटीजन ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के दौरान गलती से ₹25.42 लाख के ब्याज को टैक्सेबल इनकम के तौर पर दिखा दिया था। यह ब्याज India Infrastructure Finance Company Limited (IIFCL) और Rural Electrification Corporation (REC) के बॉन्ड्स से मिला था, जो असल में इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 10(15)(iv)(h) के तहत टैक्स-फ्री होता है।

अधिकारी ने ठुकराई थी अर्जी

टैक्सपेयर ने जब धारा 154 के तहत रेक्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया, तो असेसिंग ऑफिसर ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे नई क्लेम स्वीकार नहीं कर सकते। लेकिन ITAT दिल्ली की बेंच ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि यह कोई 'नया क्लेम' नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड्स में मौजूद गलती को सुधारने की मांग है।

ट्रिब्यूनल का कड़ा रुख

ITAT ने Kapil Dev Nikhanj केस का हवाला देते हुए साफ किया कि अपीलेट अथॉरिटी के पास रिकॉर्ड की गलतियों को ठीक करने का पूरा अधिकार है। साथ ही, संविधान के अनुच्छेद 265 को याद दिलाते हुए कहा गया कि कानून के अधिकार के बिना कोई भी टैक्स नहीं लिया जा सकता। अब विभाग को न केवल ₹9.91 लाख का रिफंड देना होगा, बल्कि उस पर लागू ब्याज भी चुकाना होगा। यह फैसला उन सभी टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत है जो छोटी-मोटी क्लर्कल गलतियों के चलते अपना हक खो देते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.