ITAT का बड़ा फैसला: NRI की टैक्स पेनल्टी **200%** से घटकर **50%** हुई

PERSONAL-FINANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
ITAT का बड़ा फैसला: NRI की टैक्स पेनल्टी **200%** से घटकर **50%** हुई

मुंबई ITAT ने एक NRI को बड़ी राहत दी है। बिना बताई गई इंटरेस्ट इनकम पर लगी **200%** पेनल्टी को घटाकर **50%** कर दिया गया है। ट्राइब्यूनल ने साफ किया है कि इसे 'जानबूझकर छिपाना' नहीं बल्कि 'प्रशासनिक चूक' माना जाएगा।

मामला क्या था?

मुंबई के Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) के सामने यह मामला एक NRI से जुड़ा था, जिन्होंने असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए ₹14.02 लाख की इंटरेस्ट इनकम की जानकारी नहीं दी थी। इनकम टैक्स विभाग ने इसे 'जानबूझकर जानकारी छिपाना' (deliberate misreporting) माना और सेक्शन 270A के तहत ₹4.85 लाख की भारी पेनल्टी लगा दी, जो कुल टैक्स का 200% थी।

ट्राइब्यूनल की अहम टिप्पणी

अपील के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह गलती जानबूझकर नहीं की गई थी, बल्कि थर्ड-पार्टी अकाउंटेंट पर निर्भरता और इलेक्ट्रॉनिक नोटिफिकेशन न देख पाने की वजह से हुई थी। NRI ने गलती का पता चलते ही जनवरी 2025 में टैक्स और इंटरेस्ट (कुल ₹5.49 लाख) का भुगतान कर दिया था।

ITAT ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 'अंडर-रिपोर्टिंग' और 'जानबूझकर मिस-रिपोर्टिंग' के बीच अंतर है। चूंकि विभाग यह साबित नहीं कर सका कि छिपाने के पीछे कोई दुर्भावना थी, इसलिए पेनल्टी को कम करके 50% (₹1.21 लाख) कर दिया गया।

टैक्सपेयर्स के लिए नसीहत

यह फैसला साफ करता है कि एडमिनिस्ट्रेटिव गलतियों के लिए अधिकतम पेनल्टी नहीं लगाई जा सकती। हालांकि, ट्राइब्यूनल ने यह भी चेताया है कि प्रोफेशनल पर निर्भरता का मतलब यह नहीं कि आप अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं। अपनी टैक्स रिटर्न को सबमिट करने से पहले खुद वेरिफाई करना हर NRI की जिम्मेदारी है ताकि भविष्य में ऐसी कानूनी उलझनों और लिटिगेशन खर्च से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.