एक 35 वर्षीय IT प्रोफेशनल ने ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options Trading) के चक्कर में **₹38 लाख** की मोटी रकम गंवा दी है। रिवेंज ट्रेडिंग (Revenge Trading) और कर्ज लेकर सट्टा लगाने की यह कहानी उन निवेशकों के लिए एक चेतावनी है, जो शेयर बाजार में रातों-रात अमीर बनने का सपना देखते हैं।
यह मामला एक ऐसे व्यक्ति का है जिसने शुरुआत तो छोटे मुनाफे से की थी, लेकिन बाजार की अस्थिरता ने उसे 'रिवेंज ट्रेडिंग' के चक्रव्यूह में फंसा दिया। शुरुआती नुकसान को तुरंत कवर करने की जिद में उन्होंने अपनी जमा-पूंजी के अलावा पर्सनल लोन का सहारा भी लिया। गलत बयानी कर लिए गए इन लोन के कारण अब उन पर भारी ब्याज और मासिक किस्तों का बोझ बढ़ गया है।\n\n### रिवेंज ट्रेडिंग का जाल\n\nट्रेडिंग में जब कोई निवेशक नुकसान के बाद उसे तुरंत वापस पाने के लिए बड़ी रिस्क लेता है, तो उसे 'रिवेंज ट्रेडिंग' कहा जाता है। इस मामले में भी यही हुआ; नुकसान को मिटाने के चक्कर में व्यक्ति ने पोजीशन साइज बढ़ाई और बार-बार ट्रेड किया, जिससे घाटा बढ़ता ही गया।\n\n### रेगुलेटर की चेतावनी क्या कहती है?\n\nSEBI का डेटा बार-बार यह साबित कर चुका है कि इक्विटी फ्यूचर और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में 9 में से 10 रिटेल ट्रेडर्स को सिर्फ नुकसान ही होता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि ऑप्शंस ट्रेडिंग गैंबलिंग नहीं, बल्कि एक कठिन डिसिप्लिन है।\n\nनिवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट-टर्म में पैसा डबल करने के लालच से बचें। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टिंग में बिजनेस की वैल्यू देखी जाती है, जबकि सट्टा लगाने से वेल्थ क्रिएशन की जगह कैपिटल डिस्ट्रक्शन (पूंजी का खात्मा) होता है।
