आपका क्रेडिट कार्ड पेमेंट हिस्ट्री (Payment History) और क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (Credit Utilization Ratio) वो अहम चीजें हैं जिन्हें बैंक होम लोन या पर्सनल लोन देने से पहले चेक करते हैं। अच्छी फाइनेंशियल प्रोफाइल बनाने के लिए, ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन (Transaction) करने से बेहतर है कि आप सोच-समझकर खर्च करें और हमेशा समय पर पूरा बिल भरें।
जब आप होम लोन (Home Loan) या पर्सनल लोन (Personal Loan) जैसे बड़े फाइनेंशियल प्रोडक्ट के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक और फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस (Financial Institutions) आपके पिछले क्रेडिट व्यवहार (Credit Behaviour) की बारीकी से जांच करते हैं। इस जांच का एक बड़ा हिस्सा आपके क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर निर्भर करता है। बैंक आपके क्रेडिट कार्ड को सिर्फ पेमेंट टूल (Payment Tool) नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल डिसिप्लिन (Financial Discipline) और कर्ज चुकाने की क्षमता को समझने का ज़रिया मानते हैं।
पूरे बिल का पेमेंट करना क्यों ज़रूरी है?
बहुत से लोग गलती से हर महीने क्रेडिट कार्ड बिल का सिर्फ मिनिमम अमाउंट (Minimum Amount) ही भरते हैं। भले ही इससे लेट पेमेंट पेनाल्टी (Late Payment Penalty) से बचा जा सकता है, लेकिन यह आपके अकाउंट को सही तरीके से मैनेज करने का संकेत नहीं है। बचा हुआ बैलेंस अगले महीने जुड़ जाता है और उस पर भारी इंटरेस्ट (Interest) लगता है, जो आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है। इससे भी ज़रूरी बात यह है कि बैंक यह देखना चाहते हैं कि आपके पास समय पर पूरे बिल का भुगतान करने की क्षमता और इरादा है। यह आदत एक पॉजिटिव रीपेमेंट हिस्ट्री (Repayment History) बनाती है, जो आपके क्रेडिट स्कोर (Credit Score) का एक अहम हिस्सा है।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो को मैनेज करें
कई लोग मानते हैं कि ज़्यादा क्रेडिट लिमिट (Credit Limit) होना फाइनेंशियल स्ट्रेंथ (Financial Strength) का संकेत है और उसे पूरा इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन, आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो - यानी आपके द्वारा इस्तेमाल की गई क्रेडिट की राशि और कुल उपलब्ध लिमिट का अनुपात - आपकी प्रोफाइल में बड़ी भूमिका निभाता है। अगर आप बार-बार अपनी लिमिट के करीब पहुंच जाते हैं, तो यह बैंक को संकेत दे सकता है कि आप उधार पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। एक स्वस्थ आदत यह है कि आप अपनी खर्च को उपलब्ध लिमिट के भीतर रखें। यह दिखाता है कि आप सुविधा के लिए क्रेडिट का उपयोग करते हैं, न कि अपनी आय को बढ़ाने के लिए।
महंगे लेट पेमेंट्स से बचें
पेमेंट की ड्यू डेट (Due Date) मिस करने के नतीजे लेट फीस (Late Fees) और इंटरेस्ट से कहीं ज़्यादा हैं। देरी की सूचना क्रेडिट ब्यूरो (Credit Bureaus) को दी जाती है और यह लंबे समय तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट (Credit Report) का हिस्सा बनी रहती है। मिस या डिलेड पेमेंट्स (Missed or Delayed Payments) का रिकॉर्ड आपके क्रेडिट स्कोर को काफी कम कर सकता है और भविष्य में आपके लोन एप्लीकेशन को रिजेक्ट (Reject) भी करा सकता है। इससे बचने के लिए, कई फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स (Financial Experts) ऑटोमेटेड पेमेंट्स (Automated Payments) या कैलेंडर अलर्ट सेट करने की सलाह देते हैं ताकि आप कभी भी डेडलाइन मिस न करें।
अपने बजट पर फोकस रखें
क्रेडिट कार्ड कंपनियां अक्सर रिवॉर्ड्स (Rewards), कैशबैक (Cashback) और डिस्काउंट (Discount) ऑफर करती हैं, जो ज़्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। भले ही ये फायदे अच्छे हों, लेकिन ये आपकी खरीदारी का कारण कभी नहीं बनने चाहिए। अपने खर्चों को अपने मासिक बजट (Monthly Budget) के अनुसार रखना बहुत ज़रूरी है। जब आप अपने कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से यूटिलिटी बिल्स (Utility Bills) और ग्रोसरी (Groceries) जैसी ज़रूरी चीजों के लिए करते हैं, तो आप अपने फाइनेंस को कंट्रोल में रखते हैं। खर्चों को ट्रैक किए बिना कार्ड का इस्तेमाल करने से कर्ज जमा हो सकता है जिसे चुकाना मुश्किल होता है। निवेशकों और आम लोगों को अपनी क्रेडिट रिपोर्ट सालाना (Annually) चेक करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी जानकारी सही है और वे भविष्य के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स (Financial Products) के लिए अपनी वर्तमान आदतों से अपनी योग्यता को लेकर जागरूक रहें।
