घर खरीदारों के लिए चेतावनी! EMI के अलावा इन छुपे खर्चों से हो सकती है आपकी जेब खाली

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
घर खरीदारों के लिए चेतावनी! EMI के अलावा इन छुपे खर्चों से हो सकती है आपकी जेब खाली
Overview

घर खरीदने का सपना देखते हुए अक्सर लोग सिर्फ मंथली EMI पर ध्यान देते हैं, लेकिन असलियत में घर खरीदने और उसे बनाए रखने के छुपे हुए खर्चे कहीं ज़्यादा होते हैं। फर्स्ट-टाइम बायर्स (first-time buyers) अक्सर स्टाम्प ड्यूटी (stamp duty) और रजिस्ट्रेशन फीस (registration fees) जैसे बड़े सरप्राइज के लिए तैयार नहीं होते।

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घर खरीदना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने की राह में EMI के अलावा ऐसे कई छुपे हुए खर्चे हैं जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं। खास तौर पर पहली बार घर खरीदने वाले लोग इन खर्चों को लेकर अक्सर अनजान रह जाते हैं।

अपफ्रंट ट्रांजेक्शन फीस (Upfront Transaction Fees)

डाउन पेमेंट (down payment) के अलावा, खरीदारों को कई तरह की वन-टाइम फीस (one-time fees) का सामना करना पड़ता है। इनमें स्टाम्प ड्यूटी (stamp duty), रजिस्ट्रेशन फीस (registration fees), लीगल कंसल्टेशन (legal consultation) और लोन प्रोसेसिंग चार्जेज़ (loan processing charges) शामिल हैं। ये खर्चे लोन की रकम का 2% से 5% तक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, $350,000 के लोन पर सिर्फ इन क्लोजिंग कॉस्ट (closing costs) के तौर पर $7,000 से $17,500 तक का भुगतान करना पड़ सकता है। ये पैसे अक्सर तुरंत देने होते हैं, जो लिक्विड एसेट्स (liquid assets) कम रखने वालों के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं।

लगातार बने रहने वाले मालिकाना हक़ के खर्चे (Ongoing Ownership Costs)

एक बार जब आप घर में शिफ्ट हो जाते हैं, तो खर्चों का सिलसिला खत्म नहीं होता, बल्कि बदल जाता है। प्रॉपर्टी टैक्स (property taxes), होम इंश्योरेंस (homeowners insurance) और मेंटेनेंस (maintenance) जैसे रिकरेंट एक्सपेंसेस (recurrent expenses) लगातार जेब खाली करते रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होम इंश्योरेंस प्रीमियम (homeowners insurance premiums) 2021 से लगभग 70% बढ़ गए हैं। घर की वैल्यू का 1% से 2% हर साल मेंटेनेंस के लिए रखना पड़ता है। इन सभी छुपे खर्चों को मिलाकर, औसत सालाना खर्च $16,000 तक पहुंच सकता है, जो महंगे शहरों में $24,000 को भी पार कर जाता है।

कुल लोन इंटरेस्ट और छूटे हुए अवसर (Total Loan Interest and Missed Opportunities)

30 साल के लोन टेन्योर (tenure) में, आप मूलधन (principal) का दोगुना या तिगुना ब्याज के तौर पर दे सकते हैं। इंटरेस्ट रेट (interest rate) में 1% की बढ़त आपकी EMI को सैकड़ों डॉलर बढ़ा सकती है और आपकी परचेज़िंग पावर (purchasing power) को 10% तक कम कर सकती है। इसके अलावा, डाउन पेमेंट (down payment) में फंसा पैसा और EMI का लगातार भुगतान, आपको दूसरे निवेशों से मिलने वाले संभावित रिटर्न (potential returns) से वंचित कर देता है।

वित्तीय जोखिम और कम आंकलन (Financial Risks and Underestimation)

होमओनरशिप (homeownership) को एक सुरक्षित निवेश मानने की धारणा अक्सर इसके छिपे हुए वित्तीय जोखिमों को नजरअंदाज कर देती है। कई लोग, खासकर युवा पीढ़ी, इन खर्चों को कम आंकते हैं, जिससे वे मुश्किल में पड़ सकते हैं और फोरक्लोजर (foreclosure) का भी खतरा बढ़ जाता है। 2021 से 2023 के बीच, प्रॉपर्टी की कीमतों और ब्याज दरों में बढ़त को मिलाकर घर खरीदने की कुल लागत 80% तक बढ़ गई है। यह लागत का अंतर एक बड़ी आर्थिक जोखिम पैदा करता है।

हाउसिंग कॉस्ट का भविष्य (Future Outlook on Housing Costs)

आने वाले समय में भी मॉर्टगेज रेट्स (mortgage rates) 6.7% से 7% के बीच रहने का अनुमान है। प्रॉपर्टी टैक्स और इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी जारी रहेगी। इसलिए, घर खरीदने से पहले EMI के अलावा सभी खर्चों का पूरी तरह से आकलन करना बेहद ज़रूरी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.