क्या आप जानते हैं कि समय पर बिल भरने के बावजूद आपका क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल आपके CIBIL स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है? जी हाँ, अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का बड़ा हिस्सा लगातार इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी लोन लेने की क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है।
CIBIL स्कोर पर असर
भारत में कई क्रेडिट कार्ड यूजर्स मानते हैं कि समय पर पेमेंट करना ही एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल बनाने के लिए काफी है। लेकिन, क्रेडिट ब्यूरो और लेंडर्स पेमेंट हिस्ट्री के अलावा कई और बातों पर ध्यान देते हैं, जिसमें क्रेडिट यूटिलाइजेशन (Credit Utilization) एक अहम भूमिका निभाता है। क्रेडिट यूटिलाइजेशन का मतलब है आपके कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना प्रतिशत आप इस्तेमाल कर रहे हैं।
लेंडर्स क्यों देखते हैं यूटिलाइजेशन रेश्यो?
जब आप लगातार अपनी क्रेडिट लिमिट का ज्यादातर हिस्सा इस्तेमाल करते हैं, तो लेंडर्स इसे वित्तीय निर्भरता या मुश्किल का संकेत मान सकते हैं। भले ही आप हर महीने बिल की पूरी राशि ड्यू डेट से पहले चुका दें, क्रेडिट कार्ड कंपनियां आमतौर पर आपके आउटस्टैंडिंग बैलेंस की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को स्टेटमेंट जेनरेट होने की तारीख पर रिपोर्ट करती हैं। अगर रिपोर्ट किया गया बैलेंस आपकी लिमिट के मुकाबले ज्यादा है, तो आपके क्रेडिट स्कोर में अस्थायी गिरावट आ सकती है। इसका असर भविष्य में लोन मिलने या उस पर लगने वाले ब्याज पर पड़ सकता है।
ज्यादा क्रेडिट इस्तेमाल का प्रभाव
इसे समझने के लिए, मान लीजिए कि दो लोगों के पास ₹1 लाख की क्रेडिट लिमिट है। पहला व्यक्ति आमतौर पर ₹20,000 (20% यूटिलाइजेशन) इस्तेमाल करता है, जबकि दूसरा व्यक्ति ₹95,000 (95% यूटिलाइजेशन) इस्तेमाल करता है। दोनों ही समय पर अपना बिल भरते हैं, लेकिन दूसरा व्यक्ति अपनी वित्तीय क्षमता के बिल्कुल करीब काम कर रहा है। फाइनेंशियल एडवाइजर्स की मानें तो बैंकों और NBFCs को आकर्षित करने के लिए यूटिलाइजेशन रेश्यो को 30% से नीचे रखना चाहिए।
अपने क्रेडिट फुटप्रिंट को मैनेज करें
बैंक जिम्मेदार यूजर्स को क्रेडिट लिमिट बढ़ाते हैं, लेकिन यह ज़्यादा खर्च को बढ़ावा देने के लिए नहीं है। लिमिट बढ़ने के बाद भी अगर आप अपने मासिक खर्चों को कंट्रोल में रखते हैं, तो आपका यूटिलाइजेशन रेश्यो अपने आप कम हो जाएगा, जिससे आपके क्रेडिट स्टैंडिंग में सुधार होगा।
जिन लोगों ने किसी खास महीने में ज्यादा खर्च किया है, वे स्टेटमेंट जेनरेट होने से पहले अपने बकाया बिल का आंशिक भुगतान कर सकते हैं। इससे क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट किया जाने वाला बैलेंस कम हो जाएगा। हालांकि, इस तरीके की प्रभावशीलता कार्ड जारी करने वाली कंपनी के रिपोर्टिंग सिस्टम पर निर्भर करती है।
आखिरकार, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि अपनी सीमित नकदी को बढ़ाने के लिए। अगर आप लगातार अपनी क्रेडिट लिमिट के करीब पहुंच रहे हैं, तो यह समय है कि आप अपने मासिक खर्चों का ऑडिट करें और सुनिश्चित करें कि आपकी खर्च करने की आदतें आपके बजट के अनुरूप हों। क्रेडिट लाइन में एक बफर बनाए रखना वित्तीय लचीलेपन और अप्रत्याशित जरूरतों के खिलाफ क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
