सिर्फ बड़ा इंश्योरेंस कवर लेना काफी नहीं है। रूम रेंट कैप और सब-लिमिट जैसी शर्तें आपके मेडिकल बिल को भारी बना सकती हैं। मेडिकल इन्फ्लेशन के दौर में अपनी पॉलिसी की गहराई से जांच करना बेहद जरूरी है।
बहुत से लोग यह मानकर निश्चिंत हो जाते हैं कि उन्होंने एक बड़ा सम इंश्योर्ड (Sum Insured) ले लिया है, तो वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन हकीकत दावों (Claims) के समय सामने आती है। भारत में मेडिकल इन्फ्लेशन फिलहाल 13% से 15% सालाना है, जिसके चलते ₹5 लाख का स्टैंडर्ड कवर बड़े शहरों में अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती होने के लिए काफी नहीं पड़ता। 2021 से अब तक फैमिली फ्लोटर प्लान के प्रीमियम में करीब 46% की बढ़ोतरी हुई है, फिर भी पॉलिसीधारकों की जेब पर बड़ा बोझ पड़ रहा है।
रूम रेंट कैप का खेल
सबसे बड़ी समस्या 'रूम रेंट कैप' है। यह क्लाज आपके कमरे के दैनिक खर्च को सीमित कर देता है। यदि आप इससे महंगे कमरे का चुनाव करते हैं, तो बीमा कंपनियां केवल कमरे का किराया नहीं, बल्कि पूरे बिल पर 'आनुपातिक कटौती' (Proportionate Reduction) लगा देती हैं। इसका मतलब है कि डॉक्टर की फीस, नर्सिंग और सर्जिकल चार्ज भी काट लिए जाते हैं, जिससे आपकी जेब से होने वाला खर्च (Out-of-pocket expense) बढ़ जाता है।
बेस कवर के अलावा क्या जरूरी?
पॉलिसी में कई चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें कंपनी कवर नहीं करती (Non-payable items)। सर्जिकल किट, दस्ताने और PPE जैसे जरूरी सामानों के खर्च लंबे समय तक ICU में रहने पर तेजी से बढ़ते हैं। इसके अलावा, मोतियाबिंद या घुटने के प्रत्यारोपण जैसे इलाज के लिए 'सब-लिमिट' होती है, जो आपके कुल कवर को कम कर देती है।
सुरक्षा का सही तरीका
फाइनेंशियल प्लानर्स एक बड़ी पॉलिसी के बजाय 'बेस हेल्थ प्लान' के साथ 'सुपर टॉप-अप' लेने की सलाह देते हैं। यह विकल्प अधिक किफायती और सुरक्षित है। केवल कंपनी द्वारा दिए गए ग्रुप इंश्योरेंस पर निर्भर रहना भी खतरनाक है, क्योंकि नौकरी छोड़ते ही सुरक्षा खत्म हो जाती है।
नियामक बदलाव
नए नियमों के तहत प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए वेटिंग पीरियड 36 महीने से ज्यादा नहीं हो सकता। साथ ही, 60 महीने के लगातार रिन्यूअल के बाद कंपनियां धोखाधड़ी को छोड़कर दावे को खारिज नहीं कर सकतीं। इसलिए, पॉलिसी लेते समय पूरी ईमानदारी से मेडिकल जानकारी दें और प्रीमियम या सम इंश्योर्ड के अलावा पॉलिसी की एक्सक्लूजन लिस्ट को ध्यान से पढ़ें।
