टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी अपडेट: 1 अप्रैल, 2026 से पुराने Form 26AS को अब Form 168 कहा जाएगा। अगर आपकी इनकम रिपोर्टिंग में कोई अंतर है, तो कानून अब आपकी सुरक्षा के लिए तैयार है।
Income Tax Act, 2025 के तहत 1 अप्रैल, 2026 से फॉर्म 26AS का नाम बदलकर Form 168 कर दिया गया है। हालांकि नाम बदल गया है, लेकिन इसका काम वही है—यह आपके द्वारा चुकाए गए TDS, TCS और एडवांस टैक्स का एक कंसोलिडेटेड स्टेटमेंट है।\n\n### मिसमैच की समस्या और रिस्क\nअक्सर deductor द्वारा गलत PAN दर्ज करने या TDS रिटर्न देर से भरने के कारण Form 168 में दिखाई गई इनकम आपकी वास्तविक कमाई से मेल नहीं खाती। ऐसी स्थिति में, टैक्स विभाग आपको सेक्शन 143(1) या 139(9) के तहत नोटिस भेज सकता है, जिससे आपका रिफंड रुक सकता है या आपको स्क्रूटनी का सामना करना पड़ सकता है।\n\n### ITAT का बड़ा फैसला\nIncome Tax Appellate Tribunal (ITAT) ने एक अहम फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल के अनुसार, विभाग केवल फॉर्म 168 के आंकड़ों को अंतिम नहीं मान सकता। यदि टैक्सपेयर अपने पास मौजूद सबूत जैसे बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस या एग्रीमेंट पेश करता है, तो विभाग को उनकी जांच करनी होगी। इसका मतलब है कि गलत डेटा होने पर आप कानूनी रूप से अपनी बात रख सकते हैं।\n\n### समाधान कैसे निकालें?\n1. सबसे पहले अपने फॉर्म 168 को Annual Information Statement (AIS) से मैच करें।\n2. गलती मिलने पर उस संस्थान से संपर्क करें जिसने TDS काटा है और उनसे TRACES पोर्टल के जरिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने को कहें।\n3. अगर सामने वाली पार्टी नहीं सुन रही है, तो आधिकारिक इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत (Grievance) दर्ज करें।\n\nअपनी वित्तीय फाइलों और पत्राचार (Correspondence) का रिकॉर्ड संभालकर रखें ताकि किसी भी कानूनी जटिलता से बचा जा सके।
