अगर आपने पिछले फाइनेंशियल ईयर में विदेश यात्रा पर **₹2 लाख** से ज्यादा खर्च किए हैं, तो इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक ITR फाइल करना जरूरी है। यह नियम तब भी लागू होता है जब आपकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है।
इनकम टैक्स एक्ट के तहत, यदि किसी व्यक्ति ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के दौरान विदेश यात्रा पर कुल ₹2 लाख से अधिक का खर्च किया है, तो उन्हें रिटर्न फाइल करना ही होगा। सबसे खास बात यह है कि यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है जिनकी सालाना आय बेसिक एग्जम्पशन लिमिट से कम है।\n\n### विभाग की पैनी नजर\nइनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके PAN कार्ड के जरिए इन ट्रांजैक्शन्स को ट्रैक करता है। ट्रैवल एजेंट्स, एयरलाइंस और बैंकों से मिलने वाला डेटा सीधे सरकारी सिस्टम में रिपोर्ट होता है।\n\n### देरी करने पर जुर्माना और नुकसान\nअगर आपने तय डेडलाइन (जो आम करदाताओं के लिए 31 जुलाई, 2026 थी) मिस कर दी है, तो आपको सेक्शन 234F के तहत पेनल्टी देनी होगी। \n\n* पेनल्टी: जिनकी आय ₹5 लाख से कम है, उन पर ₹1,000 का जुर्माना लगता है, जबकि अधिक आय वालों के लिए यह राशि बढ़ सकती है।\n* नुकसान: देरी से फाइल करने पर आप अपने कैपिटल या बिजनेस लॉस को भविष्य के लिए कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) नहीं कर पाएंगे, और साथ ही रिफंड मिलने में भी काफी देरी हो सकती है।\n\nयाद रखें, यह ₹2 लाख की लिमिट एग्रीगेट (कुल) खर्च है, जिसमें एयरफेयर, होटल बुकिंग, वीजा फीस और यात्रा से जुड़ा हर छोटा-बड़ा खर्च शामिल है।
