सिर्फ नॉमिनी (Nominee) बना देना ही संपत्ति के मालिकाना हक की गारंटी नहीं है। निवेश एक्सपर्ट्स का कहना है कि नॉमिनी सिर्फ एक कस्टोडियन होता है, न कि कानूनी मालिक। अपनी मेहनत की कमाई को परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए आपको नॉमिनेशन और वसीयत (Will) के बीच का अंतर समझना होगा।
भारत में अक्सर निवेशक बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट खुलवाते समय किसी को नॉमिनी चुनकर उसे 'काम खत्म' मान लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नॉमिनी का मतलब कानूनी वारिस (Legal Heir) बिल्कुल नहीं होता? अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो संभल जाइए क्योंकि यह आपके परिवार के लिए भविष्य में बड़ी मुसीबत बन सकता है।
नॉमिनी मालिक नहीं, सिर्फ एक ट्रस्टी है
कानूनी तौर पर नॉमिनी एक ट्रस्टी की तरह होता है। अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद, नॉमिनी का काम सिर्फ संपत्ति को होल्ड करना और उसे कानूनी वारिसों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरा करना है। असली मालिकाना हक हमेशा उत्तराधिकार कानून या वसीयत (Will) के हिसाब से तय होता है। अगर आपने वसीयत नहीं बनाई है, तो संपत्ति कानूनी वारिसों में बंट जाएगी, भले ही नॉमिनी कोई और हो। इससे परिवार के भीतर विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
'सेट एंड फॉरगेट' की गलती से बचें
वित्तीय संस्थान अलग-अलग काम करते हैं। अगर आपने बैंक में नॉमिनेशन अपडेट किया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी या म्यूचुअल फंड में भी वो अपडेट हो गया है। आपको हर एक एसेट क्लास के लिए अलग से नॉमिनेशन चेक करना होगा।
SEBI के नए नियमों के अनुसार, अब आप डीमैट और म्यूचुअल फंड में 3 नॉमिनी तक चुन सकते हैं। ध्यान रखें कि आपको हर नॉमिनी के लिए हिस्सेदारी का प्रतिशत (Percentage) साफ-साफ बताना होगा।
लाइफ इवेंट्स पर अपडेट जरूरी
शादी, बच्चे का जन्म या तलाक जैसी बड़ी घटनाओं के बाद नॉमिनेशन को जरूर रिव्यू करें। अगर आपने सालों पहले किसी माता-पिता को नॉमिनी बनाया था और अब आपकी अपनी फैमिली है, तो पुराना रिकॉर्ड भारी पड़ सकता है।
खास बात यह है कि अगर आप किसी नाबालिग (Minor) को नॉमिनी बनाते हैं, तो एक लीगल गार्जियन का नाम देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर लिक्विडिटी ब्लॉक हो सकती है और मुश्किल वक्त में आपके परिवार को पैसा मिलने में काफी देरी हो सकती है।
वसीयत है सबसे मजबूत हथियार
नॉमिनेशन एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन वसीयत एक कानूनी निर्देश है। सुरक्षित सक्सेशन प्लानिंग के लिए अपने सभी बैंक अकाउंट्स, इन्वेस्टमेंट और प्रॉपर्टी की एक लिस्ट तैयार रखें और उसे परिवार के भरोसेमंद सदस्यों के साथ साझा करें। नॉमिनेशन और सही तरीके से बनी वसीयत का कॉम्बिनेशन ही आपके परिवार को कानूनी खर्चों और तनाव से बचा सकता है।
