इस फेस्टिव सीजन में आम जनता की जेब पर गहरा असर पड़ा है। हवाई यात्रा के किराए में **40%** तक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं 10-ईयर गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड **7.47%** के स्तर को छू गई है, जो निवेशकों और कर्जदारों के लिए चिंता का विषय है।
त्योहारी सीजन के दौरान खर्चों का बोझ बढ़ गया है। अगर आप छुट्टियों में हवाई सफर की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको पिछले साल के मुकाबले 30% से 40% तक ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी और एयरलाइंस की सीमित क्षमता इसके मुख्य कारण हैं। कई लोग अब बढ़ते खर्चों से बचने के लिए रेल यात्रा या अपनी ट्रिप की तारीखें बदलने का विकल्प चुन रहे हैं।
निवेश के मोर्चे पर अलर्ट
इन्वेस्टमेंट सेक्टर में भी बड़ी हलचल है। 23 अक्टूबर, 2026 को भारत का 10-ईयर गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड 7.47% पर पहुंच गया, जो पिछले साल 6.54% था। यह निवेशकों के लिए जोखिम भरा है क्योंकि यील्ड बढ़ने पर बॉन्ड की कीमतें गिरती हैं। इसका सीधा असर गिल्ट फंड्स (Gilt Funds) पर पड़ा है। कई फंड मैनेजर्स अब मार्केट में स्पष्टता आने तक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
कर्ज लेते समय बरतें सावधानी
बैंकों द्वारा फेस्टिव ऑफर की बाढ़ आई हुई है, लेकिन लुभावनी दरों के पीछे छिपे चार्जेस को नजरअंदाज न करें। सिर्फ हेडलाइन इंटरेस्ट रेट न देखें, बल्कि APR (Annual Percentage Rate) जरूर चेक करें। यह आपको लोन की कुल लागत, जिसमें हिडन फीस भी शामिल होती है, उसकी सही तस्वीर दिखाता है।
शादियों का सीजन भी इस बार महंगा हो गया है। लक्जरी डिमांड के कारण खर्च बढ़ रहे हैं, जिसे कंट्रोल करने के लिए लोग अब खुद इवेंट प्लानिंग पर जोर दे रहे हैं ताकि अनावश्यक कर्ज के जाल से बचा जा सके।
