EPFO ने EPS-95 पेंशनभोगियों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यह सर्टिफिकेट जमा करने की कोई फिक्स डेडलाइन नहीं है, बल्कि यह सबमिशन की तारीख से **12 महीने** तक वैलिड रहेगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPS-95 पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक अनुपालन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। पहले लाइफ सर्टिफिकेट, जिसे 'जीवन प्रमाण' भी कहा जाता है, जमा करने के लिए नवंबर का महीना अनिवार्य था, लेकिन अब इसे 12 महीने की रोलिंग वैलिडिटी में बदल दिया गया है। इसका मतलब है कि आपका सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख से पूरे एक साल तक वैध रहेगा।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बैंक शाखाओं और सरकारी दफ्तरों में साल के अंत में होने वाली भारी भीड़ को कम करना है। अब पेंशनभोगी साल के किसी भी समय अपना सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
डिजिटल वेरिफिकेशन के तरीके
EPFO ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल टूल्स को बढ़ावा दिया है। पेंशनभोगी अब 'जीवन प्रमाण' पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं, जो आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) को सपोर्ट करता है। इसे आप Android या iOS डिवाइस के जरिए घर बैठे कर सकते हैं। इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा भी उपलब्ध है।
पेंशन रुकने का खतरा (Risks)
हालांकि यह बदलाव काफी फ्लेक्सिबल है, लेकिन अब पेंशनभोगियों को अपनी रिन्यूअल डेट पर खुद नजर रखनी होगी। यदि आपका लाइफ सर्टिफिकेट एक्सपायर हो जाता है, तो EPFO सिस्टम आपकी पेंशन का भुगतान ऑटोमैटिक तरीके से सस्पेंड (Suspend) कर सकता है। हालांकि यह स्थायी कैंसिलेशन नहीं है, लेकिन समय पर रिन्यू न करने से आपकी मासिक आय में रुकावट आ सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि अपना पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और आधार डेटा का मिलान जरूर कर लें, क्योंकि डेटा मिसमैच के कारण सर्टिफिकेट रिजेक्ट होने की समस्या आम है।
स्कीम की स्थिति
फिलहाल EPS-95 स्कीम अपनी सस्टेनेबिलिटी को लेकर चर्चा में है। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग के साथ-साथ, हायर पेंशन आवेदनों का बैकलाॅग भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। साल 2026 के मध्य तक भी हजारों मामले पेंडिंग हैं, इसलिए जरूरी है कि पेंशनभोगी अपने डॉक्यूमेंट्स को लेकर प्रोएक्टिव रहें और समय से पहले वेरिफिकेशन पूरा करें ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
