एक 28 साल का टेक प्रोफेशनल इस वक्त एक बड़े कन्फ्यूजन में है। एक तरफ डबलिन, आयरलैंड से उसे 200,000 यूरो (लगभग ₹1.79 करोड़) का जॉब ऑफर मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में उसे ₹90 लाख का फिक्स्ड सैलरी वाला पैकेज मिल रहा है। आयरलैंड में सैलरी भले ही ज्यादा दिखे, लेकिन वहां के भारी टैक्स और महंगे रहन-सहन के चलते यह एक मुश्किल फैसला बन गया है।
डबलिन का ऑफर: ₹1.79 करोड़ या सिर्फ दिखावा?
इस 28 साल के भारतीय टेक प्रोफेशनल को डबलिन से जो ऑफर मिला है, उसमें €150,000 का बेस सैलरी और $50,000 के सालाना स्टॉक यूनिट्स (RSUs) शामिल हैं। कुल मिलाकर यह पैकेज करीब ₹1.79 करोड़ का बैठता है। वहीं, बेंगलुरु में उसे ₹90 लाख की फिक्स्ड सैलरी के साथ ₹75 लाख के एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शंस (ESOPs) भी मिल रहे हैं। पेपर पर डबलिन का पैकेज ज्यादा आकर्षक लग रहा है, लेकिन असल में हाथ में कितना पैसा आएगा, यह टैक्स, किराया और दूसरे खर्चों पर निर्भर करेगा।
टैक्स और रहन-सहन का गणित
आयरलैंड में टैक्स सिस्टम काफी प्रोग्रेसिव है, जिसका मतलब है कि ज्यादा कमाने वालों पर 40% से भी ज्यादा टैक्स लग सकता है। दूसरी तरफ, डबलिन में रहने की लागत, खासकर किराए, बहुत ज्यादा है। इन सबको घटाने के बाद, जो बचत हो पाती है, वह बेंगलुरु जैसे शहर की तुलना में काफी कम हो सकती है। इसके अलावा, भारत में मिलने वाली हाउस हेल्प, क्लीनिंग और बाहर खाने जैसी सुविधाओं का खर्च आयरलैंड में काफी ज्यादा है, जो हर महीने के बजट को बढ़ा देता है।
करियर के लिए निवेश या सिर्फ पैसे की दौड़?
सिर्फ पैसों के नंबर से परे, यह फैसला करियर के लिए एक बड़ा कदम भी है। बेंगलुरु में टॉप AI स्टार्टअप में बने रहने का मतलब है परिवार और दोस्तों का साथ, एक जाना-पहचाना सोशल सर्किल और डोमेस्टिक कंपनी के स्टॉक ऑप्शंस का फायदा। वहीं, डबलिन का ऑफर एक तरह से प्रोफेशनल डेवलपमेंट में किया गया निवेश माना जा सकता है। यूरोप जाकर ग्लोबल एक्सपोजर, नई संस्कृति और एक अलग प्रोफेशनल माहौल मिलने की उम्मीद है। कई प्रोफेशनल्स इसे सिर्फ पैसे बचाने की कोशिश के बजाय ग्लोबल करियर बनाने का एक मौका मानते हैं।
आगे क्या?
इस तरह की सिचुएशन में फंसे लोगों के लिए अगला कदम आयरलैंड के टैक्स स्लैब और सोशल कंट्रीब्यूशन को ध्यान में रखते हुए नेट इनकम का कैलकुलेशन करना है। साथ ही, भारतीय AI सेक्टर और यूरोपियन टेक मार्केट में करियर की ग्रोथ संभावनाओं को समझना भी जरूरी है। आखिर में, यह फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि प्रोफेशनल अपने परिचित माहौल में पैसा जमा करना चाहता है या नए मार्केट में रहने और काम करने का अनुभव खरीदना चाहता है।
