₹60,000 का क्रेडिट कार्ड बकाया ऑटोमैटिकली आपका स्कोर कम नहीं करता, बल्कि यह आपकी कुल लिमिट और यूटिलाइजेशन रेशियो पर निर्भर करता है। हेल्दी क्रेडिट प्रोफाइल के लिए एक्सपर्ट्स **30%** से कम खर्च की सलाह देते हैं।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन का गणित
आपका क्रेडिट स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपनी कुल लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी कुल लिमिट ₹1 लाख है और बकाया ₹60,000 है, तो आप 60% लिमिट का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, अगर आपकी लिमिट ₹3 लाख है, तो यही बकाया महज 20% माना जाएगा। बैंक 20% वाले सिनेरियो को बेहतर मानते हैं, जबकि 60% को आर्थिक तंगी या कर्ज पर ज्यादा निर्भरता के संकेत के रूप में देखा जाता है।
'30% का नियम' क्या है?
ज्यादातर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस सलाह देते हैं कि कुल क्रेडिट यूटिलाइजेशन को 30% के नीचे रखें। इस सीमा को लगातार पार करने से आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है, भले ही आप बिल समय पर भर रहे हों। बैंक इसे भविष्य में लोन देने के लिए जोखिम मान सकते हैं।
कर्ज मैनेज करने का सही तरीका
कई लोग क्रेडिट लिमिट बढ़वाने की कोशिश करते हैं ताकि रेशियो कम हो सके, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे ज्यादा खर्च करने की आदत पड़ सकती है। बेहतर है कि आप कर्ज चुकाकर अपना बकाया कम करें।
रिपोर्टिंग में देरी का रखें ध्यान
याद रखें, बिल चुकाने के तुरंत बाद स्कोर अपडेट नहीं होता। इसमें 15 से 30 दिन तक का समय लग सकता है। क्रेडिट ब्यूरो आपकी सभी कार्ड्स की कुल देनदारी देखते हैं, इसलिए किसी बड़े लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने सभी कार्ड्स के बकाया को समय से पहले चुकाना ही समझदारी है।
