Portfolio Strategy: क्या आपके पास Global Assets हैं? Devina Mehra की निवेशकों को बड़ी सलाह

PERSONAL-FINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Portfolio Strategy: क्या आपके पास Global Assets हैं? Devina Mehra की निवेशकों को बड़ी सलाह

First Global की फाउंडर Devina Mehra ने भारतीय निवेशकों को अपनी कुल वेल्थ का **30%** से **40%** हिस्सा ग्लोबल मार्केट में निवेश करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यह रणनीति रुपये की गिरती कीमत से बचाव के लिए जरूरी है।

ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन क्यों जरूरी है?

Devina Mehra का मानना है कि भारतीय बाजार का ग्लोबल मार्केट कैपिटलाइजेशन में हिस्सा काफी कम है, जिसके चलते केवल घरेलू शेयरों में पैसा लगाना 'कंसंट्रेशन रिस्क' (Concentration Risk) बढ़ाता है। ग्लोबल असेट्स में निवेश करने से न केवल रिस्क कम होता है, बल्कि डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाली गिरावट से भी पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखा जा सकता है।

AI सेक्टर का 'बुलबुला'!

AI (Artificial Intelligence) सेक्टर को लेकर चल रही दीवानगी पर उन्होंने चेतावनी दी है। उनके अनुसार, अभी जिस तरह से कर्ज लेकर टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स में भारी पैसा झोंका जा रहा है, वह जोखिम भरा हो सकता है। सेमीकंडक्टर जैसा सेक्टर स्वभाव से ही बहुत अधिक वोलेटाइल (Volatile) होता है, और अगर निवेश की गई पूंजी पर रिटर्न नहीं मिला, तो मार्केट करेक्शन का खतरा बढ़ जाएगा।

लंबी अवधि का नजरिया

भारतीय बाजार को लेकर उनका नजरिया अब भी सकारात्मक है। उन्होंने सलाह दी है कि निवेशकों को बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय 7 से 8 साल के लंबे नजरिए के साथ निवेशित रहना चाहिए।

निवेश के रास्ते और चुनौतियां

हालांकि, ग्लोबल निवेश के लिए भारतीय निवेशकों के सामने कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं। RBI द्वारा ओवरसीज रेमिटेंस (Remittance) पर लगाई गई लिमिट के कारण कई इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ने नए निवेश स्वीकार करना बंद कर दिया है। ऐसी स्थिति में, निवेशक सीधे ग्लोबल ब्रोकरेज अकाउंट्स या MSCI ACWI जैसे इंडेक्स फंड्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। साथ ही, गोल्ड को पोर्टफोलियो का सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही रखने की सलाह दी गई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.