DSP Pension Fund के CIO रमनिक कुंद्रा ने निवेशकों को सलाह दी है कि रिटायरमेंट के लिए अपने सालाना खर्च का **25 से 30 गुना** फंड जमा करने का लक्ष्य रखें। यह रणनीति बढ़ती महंगाई से आपकी बचत को सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब केवल बचत करना नहीं है, बल्कि महंगाई के 'हिडन इम्पैक्ट' को मात देने के लिए एक ठोस लक्ष्य तय करना है। DSP Pension Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर रमनिक कुंद्रा के अनुसार, यदि आप रिटायरमेंट के बाद अपनी जीवनशैली को बनाए रखना चाहते हैं, तो आपका कुल कॉर्पस (Corpus) आपके सालाना खर्च का कम से कम 25 से 30 गुना होना चाहिए।
25-30x का लक्ष्य क्यों जरूरी?
महंगाई आपके वेल्थ को धीरे-धीरे खत्म कर देती है। अगर आपकी बचत महंगाई की दर से तेज नहीं बढ़ रही है, तो रिटायरमेंट के बाद पैसा जल्दी खत्म होने का जोखिम रहता है। इस चुनौती को हल करने के लिए इक्विटी में निवेश बहुत जरूरी है। ऐतिहासिक रूप से, इक्विटी मार्केट ने लंबी अवधि में 12% से 13% तक का सालाना रिटर्न दिया है, जो महंगाई को मात देने में सक्षम है।
कैसे तय करें माइलस्टोन्स?
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए आप उम्र के हिसाब से छोटे पड़ाव तय कर सकते हैं:
- 30 साल की उम्र: सालाना खर्च का 1 गुना जमा करें।
- 40 साल की उम्र: सालाना खर्च का 3 गुना जमा करें।
- 50 साल की उम्र: सालाना खर्च का 5 से 6 गुना जमा करें।
इक्विटी ग्रोथ और एसेट सेफ्टी का बैलेंस
रिटायरमेंट के करीब पहुंचते ही रणनीति बदलना जरूरी है। इक्विटी में जोखिम होता है, इसलिए रिटायरमेंट से 5 से 10 साल पहले अपना पैसा धीरे-धीरे डेट (Debt) या लिक्विड एसेट्स में शिफ्ट करना शुरू कर देना चाहिए।
इसे 'सीक्वेंस रिस्क' (Sequence Risk) कहते हैं, यानी रिटायरमेंट के ठीक पहले या शुरुआत में मार्केट क्रैश होने का डर। इससे बचने का तरीका यह है कि आप अपने अगले 2 से 3 साल के खर्च के बराबर पैसा सुरक्षित लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में रखें। इससे मार्केट की गिरावट के दौरान आपको अपने इक्विटी निवेश को घाटे में बेचने की मजबूरी नहीं होगी और आपके पोर्टफोलियो को रिकवरी का समय मिल जाएगा।
