डेबिट कार्ड के उलट, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज (Surcharge) लगाने पर रोक नहीं लगाता है। यह मर्चेंट और पेमेंट प्रोवाइडर के बीच के एग्रीमेंट पर निर्भर करता है, लेकिन इसे छिपाना नियमों के खिलाफ है।
नियम क्या कहते हैं?
अक्सर पेमेंट टर्मिनल पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय जब एक्स्ट्रा फीस मांगी जाती है, तो ग्राहकों को लगता है कि यह गलत है। हकीकत यह है कि RBI ने डेबिट कार्ड पर Merchant Discount Rate (MDR) के बोझ को ग्राहक पर डालने पर सख्त रोक लगाई है, लेकिन क्रेडिट कार्ड के लिए ऐसा कोई स्पष्ट बैन नहीं है।
फीस का गणित और पारदर्शिता
क्रेडिट कार्ड पर सरचार्ज पूरी तरह से मर्चेंट, एक्वायरिंग बैंक और कार्ड नेटवर्क के बीच के एग्रीमेंट पर निर्भर करता है। मर्चेंट अपने बिजनेस की लागत को कम करने के लिए यह बोझ ग्राहक पर डाल देते हैं। हालांकि, पेमेंट एग्रीगेटर गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी भी तरह का 'कन्वीनियंस फीस' या 'सरचार्ज' पेमेंट कन्फर्म करने से पहले ग्राहक को बताना अनिवार्य है। यदि मर्चेंट पिन डालने से पहले इसकी जानकारी नहीं देता, तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।
शिकायत कहाँ करें?
अगर आपसे बिना बताए एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाता है, तो सबसे पहले मर्चेंट से सवाल करें। यदि समाधान न मिले, तो आप अपने कार्ड जारी करने वाले बैंक के पास ट्रांजेक्शन को Dispute कर सकते हैं। अगर बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का निपटारा नहीं करता है, तो आप RBI के Integrated Ombudsman Scheme के जरिए अपनी बात रख सकते हैं।
UPI का बढ़ता क्रेज
क्रेडिट कार्ड की इस अतिरिक्त लागत और झंझट से बचने के लिए अब दुकानदार UPI की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। UPI ट्रांजेक्शन ग्राहकों के लिए पूरी तरह फ्री है और व्यापारियों के लिए भी इसका प्रोसेसिंग खर्च बहुत कम होता है। इसलिए, पेमेंट करने से पहले बिल को अच्छी तरह चेक करना अब एक जरूरी वित्तीय आदत बन गई है।
