क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स को अक्सर फ्री का फायदा बताया जाता है, लेकिन इनकी असली कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप इन्हें कैसे रिडीम करते हैं, कितना खर्च करते हैं और क्या कोई छिपी हुई फीस है।
रिवॉर्ड पॉइंट्स का असली खेल:
ज्यादातर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले सोचते हैं कि रिवॉर्ड पॉइंट्स से उन्हें फ्री का पैसा मिल रहा है। पर सच्चाई थोड़ी अलग है। एक पॉइंट की कोई तय कीमत नहीं होती, इसकी वैल्यू इस बात पर निर्भर करती है कि आप इसे कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, ट्रैवल बुकिंग के लिए पॉइंट रिडीम करने पर आपको एक पॉइंट के बदले ₹1 तक का फायदा मिल सकता है। लेकिन, अगर आप उन्हीं पॉइंट्स को शॉपिंग वाउचर या सीधे स्टेटमेंट क्रेडिट के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो वैल्यू घटकर 25 पैसे प्रति पॉइंट तक रह सकती है।
खर्च करने की आदतों का असर:
बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए अलग-अलग कैटेगरी में रिवॉर्ड पॉइंट्स के अलग-अलग रेट्स रखते हैं। अक्सर लग्जरी डाइनिंग या ट्रैवल जैसी चीजों पर ज्यादा पॉइंट्स मिलते हैं, जबकि बिजली बिल, इंश्योरेंस या फ्यूल जैसे आम खर्चों पर पॉइंट्स का रेट काफी कम होता है। अगर आपका ज्यादातर खर्च उन कैटेगरी में नहीं होता जहाँ बोनस पॉइंट्स मिलते हैं, तो आपको उतना फायदा नहीं होगा जितना विज्ञापनों में दिखाया जाता है। आपको अपने खर्च के पैटर्न को कार्ड के रिवॉर्ड स्ट्रक्चर से मिलाना चाहिए ताकि असली रिटर्न का पता चल सके।
ज्यादा खर्च करने के जाल से बचें:
रिवॉर्ड पॉइंट्स के चक्कर में सबसे बड़ा खतरा है जरूरत से ज्यादा खर्च करने का। ज्यादातर रिवॉर्ड प्रोग्राम आपके कुल खर्च का एक बहुत छोटा हिस्सा ही आपको वापस देते हैं। अगर आप सिर्फ ज्यादा पॉइंट्स कमाने के लिए अपनी मंथली खर्च बढ़ाते हैं या ड्यू अमाउंट ड्यू डेट तक नहीं चुकाते, तो क्रेडिट कार्ड का हाई इंटरेस्ट चार्ज किसी भी रिवॉर्ड वैल्यू से कहीं ज्यादा हो जाएगा। पॉइंट्स को अपनी जरूरी खर्चों का एक छोटा फायदा समझिए, न कि अतिरिक्त कर्ज लेने का बहाना।
फीस और रिडेम्पशन की शर्तें जांचें:
कोई भी क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी एनुअल फीस (Annual Fee) को जरूर ध्यान में रखें। प्रीमियम कार्ड्स जिनकी सालाना फीस ज्यादा होती है, वे तभी फायदेमंद होते हैं जब आप उन कैटेगरी में इतना खर्च करें कि फीस की भरपाई हो जाए। अगर साल के अंत में रिडीम किए गए पॉइंट्स की वैल्यू आपकी एनुअल फीस से कम है, तो समझ लीजिए कि कार्ड आपको पैसा गँवा रहा है।
इसके अलावा, पॉइंट्स से जुड़े नियमों को समझना बहुत जरूरी है। कई कार्ड्स पर पॉइंट्स की एक्सपायरी डेट होती है, यानी अगर आपने उन्हें इस्तेमाल नहीं किया तो वे एक्सपायर हो जाएंगे। साथ ही, कुछ प्रोग्राम्स में पॉइंट्स रिडीम करने के लिए एक मिनिमम लिमिट होती है, या फिर रिडेम्पशन प्रोसेस के लिए एक्स्ट्रा फीस लग सकती है। समझदार निवेशक और पर्सनल फाइनेंस फॉलो करने वालों को अपने कार्ड स्टेटमेंट और शर्तों को समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए ताकि वे पॉइंट्स के खोने से बच सकें।
