EPFO पोर्टल पर अब आप गलत एग्जिट डेट को खुद ठीक कर सकते हैं। इसके लिए आधार-लिंक्ड UAN और कंपनी द्वारा अंतिम योगदान के **2 महीने** बाद का समय होना जरूरी है, ताकि PF ट्रांसफर में कोई बाधा न आए।
EPFO सिस्टम में गलत एग्जिट डेट केवल एक टाइपिंग गलती नहीं है, बल्कि यह नौकरी बदलने के दौरान बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसकी वजह से आपका PF ट्रांसफर अटक सकता है और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान भी सवाल खड़े हो सकते हैं। राहत की बात यह है कि EPFO ने अब मेंबर्स को अपनी 'डेट ऑफ एग्जिट' (DOE) को ऑनलाइन खुद सुधारने की सुविधा दी है, लेकिन इसके लिए कुछ खास शर्तें हैं।
पात्रता और जरूरी शर्तें
यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि एग्जिट डेट सुधारने का विकल्प तुरंत नहीं मिलता। इसके लिए पिछली कंपनी द्वारा आखिरी PF योगदान के 2 महीने बाद तक का समय बीत जाना अनिवार्य है। यह 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी का एग्जिट पूरी तरह वैध है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके पास आधार-लिंक्ड UAN होना जरूरी है। चूंकि पूरी प्रक्रिया आधार OTP के जरिए होती है, इसलिए आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ लिंक होना अनिवार्य है।
कैसे करें सुधार?
अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए EPFO के 'मेंबर यूनिफाइड पोर्टल' पर लॉगिन करें। इसके बाद 'Manage' टैब में जाकर 'Mark Exit' पर क्लिक करें। ड्रॉपडाउन मेन्यू से संबंधित कंपनी चुनें और सही तारीख व छोड़ने का कारण दर्ज करें। सलाह दी जाती है कि रिलीविंग लेटर या आखिरी सैलरी स्लिप पास रखें ताकि तारीखों में कोई अंतर न रहे। अंत में, आधार OTP के जरिए ऑथेंटिकेशन पूरा करें और अपनी रिक्वेस्ट सबमिट कर दें।
डेटा की सटीकता क्यों है जरूरी?
रिकॉर्ड्स में गलती होने पर PF विड्रॉल रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है और पेंशन कैलकुलेशन में भी दिक्कतें आती हैं। यदि आपकी डाली गई तारीख कंपनी के डेटा से मेल नहीं खाती, तो यह रिकॉर्ड में स्थायी विसंगति बन सकती है जिसे सुधारना मुश्किल होता है।
अगर ऑनलाइन 'Mark Exit' का विकल्प काम नहीं कर रहा है, तो पहले अपनी पुरानी कंपनी से संपर्क करें। यदि कंपनी कोई सहयोग नहीं करती, तो आप EPFO पोर्टल पर बने 'शिकायत निवारण' (Grievance Redressal) मैकेनिज्म का उपयोग कर सकते हैं।
