1 अक्टूबर, 2026 से NRI से संपत्ति खरीदने वाले व्यक्तिगत खरीदारों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को अब TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। अब आप सीधे PAN का उपयोग करके फॉर्म 141 के जरिए TDS जमा कर सकते हैं। हालांकि, **12.5%** का TDS रेट पहले जैसा ही रहेगा।
नियमों में बड़ा बदलाव
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले रेजिडेंट इंडिविजुअल्स और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए नियमों को सरल बना दिया है। अब इन ट्रांजेक्शन के लिए 'टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर' (TAN) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। पहले TAN न होने की वजह से प्रॉपर्टी डील में 10 दिन तक की देरी हो जाती थी, लेकिन अब सिर्फ अपने 'परमानेंट अकाउंट नंबर' (PAN) का उपयोग करके काम पूरा किया जा सकेगा।
कैसे भरें TDS?
नए फ्रेमवर्क के तहत, खरीदारों को TDS जमा करने के लिए 'फॉर्म 141' का इस्तेमाल करना होगा। इस फॉर्म में अब 'Schedule E' नाम का एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जो पेमेंट चालान और स्टेटमेंट दोनों का काम करेगा। खरीदारों को डिडक्शन वाले महीने के अंत से 30 दिन के भीतर टैक्स जमा करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, NRI सेलर को फॉर्म 132 में TDS सर्टिफिकेट जारी करना भी जरूरी है।
सावधानी जरूरी
यह बदलाव केवल प्रशासनिक है, टैक्स के बोझ में कोई कटौती नहीं की गई है। NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर 12.5% की दर से TDS (सरचार्ज और सेस के साथ) काटना जारी रहेगा। नियमों के पालन में चूक होने पर टैक्स अथॉरिटीज शॉर्टफॉल राशि पर 1% मासिक ब्याज वसूल सकती हैं। गंभीर मामलों में, पेनल्टी टैक्स के बराबर भी हो सकती है। ध्यान रखें कि यह छूट सिर्फ इंडिविजुअल खरीदारों और HUF के लिए है, जबकि कंपनियों और LLP को अभी भी TAN के जरिए ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
