फाइनेंशियल एजुकेटर Anant Ladha का मानना है कि एक करोड़ का नेट वर्थ बनाने के लिए सिर्फ मार्केट रिटर्न काफी नहीं है। इसके लिए अपनी Active Income बढ़ाना और कर्ज के जाल से दूर रहना सबसे जरूरी है।
Business Standard BFSI Insight Summit 2026 में फाइनेंशियल एजुकेटर Anant Ladha ने वेल्थ क्रिएशन का एक नया नजरिया पेश किया। ज्यादातर रिटेल निवेशक सिर्फ सही स्टॉक या म्यूचुअल फंड चुनने में लगे रहते हैं, लेकिन लड्ढा के अनुसार दौलत बनाने का असली मंत्र कुछ और ही है।
कमाई की क्षमता बढ़ाना है असली 'एसेट'
Ladha का कहना है कि शुरुआत में मार्केट रिटर्न से ज्यादा आपकी 'Active Income' मायने रखती है। आप खुद अपने सबसे बड़े एसेट हैं। अपनी स्किल्स निखारने और कमाई की क्षमता (Earning Potential) बढ़ाने पर फोकस करें। जब आपकी कमाई बढ़ेगी, तभी आप मार्केट में ज्यादा पैसा निवेश कर पाएंगे, जो लंबे समय में बड़े कॉर्पस (Corpus) की नींव बनेगा।
लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन का खतरा
आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन' है। जहाँ देश में महंगाई दर 6% के आसपास है, वहीं युवाओं का खर्च 15% से 20% की रफ्तार से बढ़ रहा है। अगर आपका खर्च आपकी कमाई से तेज बढ़ेगा, तो सेविंग्स के लिए कुछ नहीं बचेगा और वेल्थ क्रिएशन का सपना अधूरा रह जाएगा।
कर्ज के जाल (Debt Trap) से बचें
Ladha ने बिना सोचे-समझे EMI पर सामान खरीदने को खतरनाक बताया है। पर्सनल खर्चों के लिए लोन लेना बर्बादी का रास्ता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अपने इन्वेस्टमेंट को गिरवी रखकर या लोन लेकर डेली खर्च चलाना एक बड़ी गलती है। यह आपके पोर्टफोलियो की कंपाउंडिंग पावर को खत्म कर देता है।
मार्केट के उतार-चढ़ाव में क्या करें?
मार्केट में शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट्स के पीछे भागने के बजाय डेटा पर भरोसा रखें। बाजार साइकिल में चलते हैं, इसलिए हमेशा एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो रखें। इक्विटी में दबाव होने पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे सुरक्षित एसेट आपको सहारा देते हैं। अपनी रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी एक्सपोजर रखें और धैर्य के साथ लॉन्ग-टर्म गोल पर टिके रहें।
