अमेरिका में नौकरी करने वाले एक 24 साल के फाइनेंशियल एनालिस्ट ने सिर्फ 6 महीने में अपना $53,000 (लगभग ₹45 लाख) का स्टूडेंट लोन चुकाकर सबको हैरान कर दिया है। इस उपलब्धि ने हाई इनकम, जबरदस्त बजटिंग और कर्ज चुकाने व लंबी अवधि की संपत्ति बनाने के बीच संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है।
कर्ज से मुक्ति का ये है तरीका
मैनहट्टन में एक फाइनेंशियल एनालिस्ट के तौर पर काम करने वाले इस युवा ने ग्रेजुएशन के तुरंत बाद एक बड़ी देनदारी को खत्म करने के लिए अपनी हाई-इनकम वाली नौकरी और अनुशासित खर्च का पूरा फायदा उठाया। हालांकि यह कोई कंपनी या शेयर बाजार से जुड़ी खबर नहीं है, पर यह युवा प्रोफेशनल्स के लिए कैश फ्लो, कर्ज और फाइनेंसियल प्लानिंग को लेकर अहम सीख देती है।
इस कमाल की बात के पीछे का राज था अपनी मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा एक खास वित्तीय लक्ष्य के लिए अलग रखना। कई युवा प्रोफेशनल्स के लिए बचत में सबसे बड़ी रुकावट अक्सर स्टूडेंट लोन की मासिक किस्त होती है। कर्ज को प्राथमिकता देकर, इस व्यक्ति ने लंबी अवधि में हजारों डॉलर का ब्याज बचाया। पर्सनल फाइनेंस में, ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को चुकाना अक्सर निवेश पर एक गारंटीड रिटर्न की तरह माना जाता है, क्योंकि यह उधार की लागत को बचाता है जो सालों तक बढ़ सकती थी।
कर्ज बनाम अवसर की कीमत
कर्ज-मुक्त होना एक बड़ा पड़ाव है, लेकिन फाइनेंसियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को कर्ज चुकाने के साथ-साथ दूसरे लक्ष्यों का भी ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर लोन पर ब्याज दर कम है, तो कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि उसी पैसे को शेयर बाजार या अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करने से लंबे समय में ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से व्यक्ति के लोन की ब्याज दर और उसके अपने जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। इस प्रोफेशनल के लिए, कर्ज-मुक्त होने की मानसिक शांति शायद उस पूंजी को कहीं और निवेश करने से होने वाले संभावित लाभ से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण थी।
करियर और जीवन की प्लानिंग
आंकड़ों से परे, चार साल अमेरिका में बिताने के बाद भारत लौटने के फैसले से यह बात भी सामने आती है कि वैश्विक अनुभव लेने के बाद प्रतिभा का वापस अपने देश आना एक बढ़ता हुआ चलन है। फाइनेंसियल सेक्टर में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए, अंतरराष्ट्रीय अनुभव एक मजबूत संपत्ति साबित हो सकता है, जो भारत लौटने पर बेहतर अवसरों के द्वार खोल सकता है। यह बदलाव दिखाता है कि फाइनेंसियल प्लानिंग सिर्फ नंबरों का खेल नहीं है, बल्कि यह लंबे समय के जीवन और करियर लक्ष्यों का समर्थन करने के बारे में भी है।
महत्वाकांक्षी प्रोफेशनल्स के लिए सबक
युवा निवेशकों और प्रोफेशनल्स के लिए, सबसे महत्वपूर्ण सीख यह है कि शुरुआत से ही अपने कर्ज पर नियंत्रण रखना कितना जरूरी है। बड़ी लोन राशि को कम समय में चुकाने की क्षमता आमतौर पर उच्च बचत दर से जुड़ी होती है। निवेशकों को अपने कर्ज-से-आय (debt-to-income) अनुपात पर नज़र रखनी चाहिए और यह सोचना चाहिए कि क्या उनकी वर्तमान खर्च करने की आदतें वैसी ही लचीलापन देती हैं। आक्रामक तरीके से कर्ज का प्रबंधन करना भविष्य की संपत्ति बनाने के लिए एक मजबूत नींव रखने का एक शक्तिशाली साधन है, लेकिन इसे आपातकालीन फंड और लंबी अवधि के निवेश लक्ष्यों की आवश्यकता के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।
