Zydus Lifesciences: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू **30%** बढ़ा, अमेरिकी पेटेंट केस का भी हुआ निपटारा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Zydus Lifesciences: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू **30%** बढ़ा, अमेरिकी पेटेंट केस का भी हुआ निपटारा!
Overview

Zydus Lifesciences के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में **30%** की ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। रेवेन्यू बढ़कर **₹68.6 अरब** हो गया है, और EBITDA में भी **31%** की उछाल आई है।

नतीजों में चमकी Zydus Lifesciences, रेवेन्यू 30% चढ़ा

Q3 FY26 में Zydus Lifesciences का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 30% बढ़कर ₹68.6 अरब (billion) पर पहुंच गया। कंपनी के ऑपरेशनल मुनाफे, यानी EBITDA में भी 31% की शानदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹18.2 अरब रहा। इससे कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 26.5% हो गया, जो पिछले साल से 20 बेसिस पॉइंट ज़्यादा है। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹11.1 अरब रहा।

इस शानदार परफॉरमेंस की मुख्य वजह कंपनी की स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन (acquisitions) और कई बाजारों में दमदार प्रदर्शन है। हाल ही में किए गए एक्विजिशन जैसे Amplitude Surgical और Comfort Click ने कंपनी के मेडिकल डिवाइसेस और कंज्यूमर वेलनेस बिजनेस को काफी मजबूत किया है। कंज्यूमर वेलनेस सेगमेंट में तो रेवेन्यू 113% बढ़ा है, जिसमें Comfort Click का पूरा योगदान शामिल है।

अमेरिका, भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत पकड़

कंपनी की ग्लोबल प्रेजेंस भी इस ग्रोथ में अहम साबित हुई। अमेरिका में Zydus के बिजनेस ने कैलेंडर ईयर में 11% का वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज किया, जो मार्केट से बेहतर है। इस तिमाही में 18 Abbreviated New Drug Applications (ANDAs) फाइल किए गए, जिनमें से 8 को मंजूरी मिली और 4 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए गए। वहीं, भारत में ब्रांडेड फॉर्मूलेशन बिजनेस में 14% की ग्रोथ देखने को मिली। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों, खासकर उभरते बाजारों और यूरोप से 38% की ज़ोरदार ग्रोथ आई, जिससे रेवेन्यू ₹7.9 अरब तक पहुंच गया।

इनोवेशन पर जोर, नई दवाओं की तैयारी

Zydus Lifesciences अपनी इनोवेशन पाइपलाइन को भी तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी अमेरिका में PBC इंडिकेशन के लिए Saroglitazar Magnesium का NDA फाइल करने की योजना बना रही है। साथ ही, अपने दूसरे बायोसिमिलर ADC के लिए Phase III ट्रायल और एक Bivalent Typhoid Conjugate वैक्सीन के लिए Phase II ट्रायल शुरू करने की तैयारी है। कंपनी का लक्ष्य अगले 3-4 सालों में ₹1000 करोड़ से ज़्यादा का वैक्सीन बिजनेस खड़ा करना है। कंपनी अपनी स्ट्रेटेजिक M&A (Mergers & Acquisitions) रणनीति के तहत हर साल 1-2 नए डील्स करने की योजना पर भी काम कर रही है, खासकर अमेरिका में स्पेशियलिटी बिजनेस को बढ़ाने के लिए।

अमेरिकी पेटेंट केस का निपटारा, मार्केट एक्सेस सुरक्षित

इस तिमाही की एक और बड़ी खबर है अमेरिका में पेटेंट केस का निपटारा। Zydus ने Astellas Pharma के साथ अपने जेनेरिक Mirabegron (जो Myrbetriq नाम से बिकता है) से जुड़े पेटेंट विवाद को सुलझा लिया है। इसके तहत, Zydus, Astellas Pharma को $120 मिलियन देगी, साथ ही सितंबर 2027 तक प्रति-यूनिट लाइसेंसिंग फीस भी। इस सेटलमेंट से Zydus को अमेरिका में अपने जेनेरिक Mirabegron की बिक्री जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है, और इससे संबंधित सभी मुकदमे समाप्त हो गए हैं।

रेगुलेटरी कंप्लायंस और डेट मैनेजमेंट

यह ध्यान देने वाली बात है कि फार्मा कंपनियों के लिए रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) बहुत अहम होता है। Zydus को अतीत में FDA से कुछ वार्निंग लेटर्स मिले थे, लेकिन कंपनी का कहना है कि उसने इन मुद्दों को सुलझा लिया है और कुछ फैसिलिटीज को मंजूरी भी मिल गई है। वहीं, हालिया एक्विजिशन के कारण कंपनी का नेट डेट (net debt) बढ़कर ₹3,000 करोड़ हो गया है, जिसे मैनेजमेंट मैनेजेबल मान रहा है। कंपनी का कहना है कि Lenalidomide (Revlimid) से होने वाली कमाई अगले तिमाही से बंद हो जाएगी।

आगे की राह और प्रतिस्पर्धियों से तुलना

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कंपनी सभी बिजनेस सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ बनाए रखेगी और Q4 FY26 में EBITDA मार्जिन 23% से ऊपर रहेगा। Zydus की 30% की रेवेन्यू ग्रोथ अपने प्रतिद्वंद्वियों जैसे Sun Pharma (15.1% ग्रोथ) और Dr. Reddy's Laboratories (4.4% ग्रोथ) से काफी आगे है। यह कंपनी की मजबूत एक्विजिशन और ऑर्गेनिक परफॉरमेंस को दर्शाता है, हालांकि बढ़ती देनदारी और रेगुलेटरी परिदृश्य का प्रबंधन भविष्य में महत्वपूर्ण रहेगा।

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