क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto अपने ₹5,000 करोड़ के आईपीओ (IPO) के लिए एंकर निवेशकों से बातचीत कर रही है। कंपनी का लक्ष्य $3 बिलियन का वैल्यूएशन हासिल करना है, जो कि अक्टूबर 2025 में $7 बिलियन के पिछले प्राइवेट वैल्यूएशन से काफी कम है। इस आईपीओ से कंपनी को अपने विस्तार में मदद मिलेगी, क्योंकि वह भारत के तेजी से बढ़ते डिलीवरी सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है।
Detailed Coverage
Zepto के IPO की बड़ी तैयारी
क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपने आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए संभावित एंकर निवेशकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। कंपनी ₹5,000 करोड़ के फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) की योजना बना रही है, जिसका उपयोग वह अपने नेटवर्क के विस्तार और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए करना चाहती है। इसके अलावा, IPO में लगभग ₹106 करोड़ का एक छोटा ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) कंपोनेंट भी शामिल है।
वैल्यूएशन में बड़ा बदलाव
Zepto का लक्ष्य पोस्ट-मनी वैल्यूएशन (Post-Money Valuation) लगभग $3 बिलियन यानी करीब ₹29,100 करोड़ रखना है। यह आंकड़ा अक्टूबर 2025 में हुए आखिरी प्राइवेट फंडिंग राउंड के $7 बिलियन के वैल्यूएशन से काफी कम है, जब कंपनी ने $450 मिलियन जुटाए थे। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब बाजार की भावना (Market Sentiment) बदल रही है, और निवेशक अब केवल ऊंचे वैल्यूएशन मल्टीपल्स के बजाय प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
क्विक कॉमर्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा
भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर में Blinkit और Swiggy Instamart जैसे स्थापित खिलाड़ी बाजार हिस्सेदारी के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। हालांकि इस सेक्टर में मांग जारी है, लेकिन सूचीबद्ध कंपनियों पर यह साबित करने का दबाव है कि वे तेजी के साथ-साथ टिकाऊ प्रॉफिट मार्जिन भी बनाए रख सकती हैं। आगामी IPO में निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि Zepto इस प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने विस्तार की लागतों का प्रबंधन कैसे करती है, खासकर जब कंपनी अपने परिचालन को और बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
रेगुलेटरी स्थिति और अगले कदम
Zepto को अप्रैल 2026 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से IPO की मंजूरी मिली थी। वर्तमान योजनाएं पिछले महीने दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट दस्तावेज़ का अनुसरण करती हैं, जिसमें शुरू में ₹8,010 करोड़ तक के बड़े फ्रेश इश्यू और काफी बड़े ऑफर फॉर सेल कंपोनेंट का प्रस्ताव था। जैसे-जैसे कंपनी अपने बाजार डेब्यू की ओर बढ़ रही है, संभावित निवेशकों के लिए मुख्य ध्यान एंकर बुक आवंटन के दौरान अंतिम मूल्य निर्धारण और संस्थागत प्रतिभागियों की समग्र मांग पर रहेगा। क्विक डिलीवरी स्पेस की प्रतिस्पर्धी तीव्रता का प्रबंधन करते हुए अपनी विस्तार रणनीति को क्रियान्वित करने की कंपनी की क्षमता भी बाजार के लिए एक केंद्रीय फोकस बनी रहेगी।
