क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपने IPO साइज़ को लगभग आधा करने और वैल्यूएशन को घटाकर **$2.5-3 अरब** करने की खबर है। टेक कंपनियों के प्रति निवेशकों के धीमे सेंटिमेंट को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कंपनी तेजी से रेवेन्यू बढ़ाने के साथ-साथ अपने बढ़ते नेट लॉस को भी साधने की कोशिश कर रही है।
IPO में बड़ी कटौती की तैयारी
Zepto, जो कि क्विक कॉमर्स सेक्टर की एक जानी-मानी कंपनी है, अब अपने पब्लिक मार्केट में लिस्ट होने की रणनीति पर फिर से विचार कर रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने IPO का साइज घटाने और वैल्यूएशन को थोड़ा कम रखने पर विचार कर रही है। अब यह $2.5 अरब से $3 अरब के बीच वैल्यूएशन पर बातचीत कर रही है, जबकि अक्टूबर 2025 में फंड जुटाने के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन $7 अरब था। पहले ₹5,106 करोड़ का IPO लाने की योजना थी, जिसे अब लगभग 50% तक कम किया जा सकता है।
यह बदलाव दिखाता है कि इस समय बड़े निवेशक टेक कंपनियों के IPO को लेकर काफी सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं। Zepto को अप्रैल 2026 में SEBI से IPO के लिए मंजूरी मिल गई थी, लेकिन अब कंपनी अपनी वैल्यूएशन को पब्लिक मार्केट की उम्मीदों के हिसाब से एडजस्ट कर रही है।
घाटे में बढ़ोतरी, पर रेवेन्यू दोगुना
Zepto अपने निवेशकों को लॉन्ग-टर्म में कंपनी की मजबूती दिखाना चाहती है। FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹22,623.58 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹11,109.94 करोड़ से दोगुना से भी ज्यादा है। हालांकि, इस आक्रामक विस्तार का असर कंपनी के नेट लॉस पर भी पड़ा है, जो FY26 में बढ़कर ₹5,905.19 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹4,699.71 करोड़ था।
इनগুলোর को कम करने के लिए, मैनेजमेंट ने एक रोडमैप तैयार किया है जिसके तहत FY28 तक कंपनी ऑपरेटिंग लेवल पर ब्रेक-ईवन (breakeven) हासिल कर लेगी और FY29 तक पूरी तरह प्रॉफिटेबल (profitable) हो जाएगी। कंपनी ने जून 2026 तिमाही में 23% का सीक्वेंसियल रेवेन्यू ग्रोथ भी दर्ज किया है, जिसे वो अपने बिजनेस को बढ़ाने और खर्चों को कंट्रोल करने के सबूत के तौर पर पेश कर रही है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना
Zepto क्विक कॉमर्स सेक्टर में एक बेहद कॉम्पिटिटिव माहौल में काम कर रही है। उसे Zomato के Blinkit और Swiggy Instamart जैसे बड़े खिलाड़ियों से सीधी टक्कर मिल रही है। ये कंपनियां भी विस्तार, नेटवर्क और ग्राहकों को जोड़ने में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे पूरे सेक्टर में प्रॉफिट मार्जिन पर काफी दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि Zepto किस तरह अपने कैपिटल-इंटेंसिव विस्तार को प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर लाती है। इसके IPO की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी ग्रोथ को बनाए रखते हुए आने वाले समय में अपने नेट लॉस को कितनी प्रभावी ढंग से कम कर पाती है। IPO का फाइनल साइज और प्राइस बैंड कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर मार्केट की प्रतिक्रिया का अहम इंडिकेटर होंगे।
