Zepto IPO: कंपनी ने घटाया साइज़, निवेशकों के दबाव में आईvaluation

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AuthorAditya Rao|Published at:
Zepto IPO: कंपनी ने घटाया साइज़, निवेशकों के दबाव में आईvaluation

क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto अपने IPO प्लान में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। खबरों के मुताबिक, कंपनी IPO का साइज़ लगभग **20%** घटाकर **$650-$700 मिलियन** कर सकती है। यह फैसला निवेशकों की ओर से कंपनी केvaluation को लेकर दिखाई जा रही नरमी के बाद आया है।

IPO साइज़ में 20% की कटौती

Zepto ने शुरू में $850 मिलियन जुटाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी $650 मिलियन से $700 मिलियन के बीच की राशि जुटाने पर विचार कर रही है। यह कदम बाजार की मांग और निवेशकों के फीडबैक को देखते हुए उठाया जा रहा है।

###valuation में भारी गिरावट

निवेशकों के दबाव के चलते, Zepto का IPOvaluation अब $3.5 बिलियन से $4 बिलियन के बीच रहने की उम्मीद है। यह कंपनी के अक्टूबर 2025 के प्राइवेट राउंड के $7 बिलियन केvaluation से काफी कम है, जिसमें US पेंशन फंड Calpers ने लीड किया था। SEBI के नियमों के अनुसार, अगर इश्यू साइज़ में 20% से ज़्यादा का बदलाव होता है, तो कंपनी को अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दोबारा फाइल करना होगा।

डोमेस्टिक फंड्स का अहम रोल

घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने कंपनी को अधिक सतर्क मूल्य निर्धारण (conservative pricing) के लिए मनाने में अहम भूमिका निभाई है। SEBI के नियमों के तहत, एंकर बुक का 40% हिस्सा डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित होता है, इसलिए उनकी राय कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि Zepto क्विक कॉमर्स सेक्टर में मजबूत वॉल्यूम रखता है, लेकिन निवेशक अब कंपनी के मुनाफे (profitability) की राह पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

प्रतिस्पर्धी माहौल और वित्तीय स्थिति

क्विक कॉमर्स सेक्टर में Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket, Reliance Retail के JioMart और Amazon जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। Zepto की वित्तीय परफॉर्मेंस पर सबकी नज़र है। कंपनी ने FY26 के लिए लगभग ₹5,000 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA लॉस दर्ज किया था। वहीं, Blinkit का लॉस ₹277 करोड़ और Swiggy Instamart का लॉस ₹3,500 करोड़ रहा था।

31 मार्च तक, Zepto के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी के पास ₹5,681 करोड़ की नकदी थी। IPO के ज़रिए फंड जुटाने का यह कदम कंपनी की ऑपरेशनल ज़रूरतों और अपनी पोजिशन बनाए रखने के लिए कैपिटल की ज़रूरत को दर्शाता है। निवेशकों को अब फाइनल प्राइस बैंड का इंतज़ार है, जो आने वाले दिनों में घोषित होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.