JKLF प्रमुख Yasin Malik ने श्रीनगर कोर्ट में **25 पेज** का हलफनामा दाखिल किया है। इसमें उन्होंने **1990** में नर्स सरला भट की हत्या में अपनी संलिप्तता को नकारा है और ट्रायल की कार्यवाही में भाग नहीं लेने का ऐलान किया है। साथ ही, उन्होंने अपनी पत्नी Mushaal Hussein Mullick से तलाक की भी घोषणा की है।
जेल में बंद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख Yasin Malik ने श्रीनगर की TADA/POTA कोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा पेश किया है। इसमें उन्होंने 1990 में नर्स सरला भट के अपहरण और हत्याकांड के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मलिक ने इन आरोपों को एक 'मनगढ़ंत कहानी' करार दिया है।
कानूनी कार्रवाई में नया मोड़
यह घटनाक्रम स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) द्वारा जून 2026 में दाखिल 737 पेज की चार्जशीट के बाद सामने आया है। इस चार्जशीट में फॉरेंसिक साक्ष्य, बैलिस्टिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मलिक को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की नर्स की हत्या से जोड़ने की कोशिश की गई है।
अब कोर्ट का रुख क्या होगा?
मलिक ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि वे अब ट्रायल की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि फैसला सुनाया जाए, यहां तक कि उन्होंने मृत्युदंड की बात भी कही है। हालांकि, यह फैसला उनकी मौजूदा उम्रकैद की सजा पर कोई असर नहीं डालेगा।
इसके अलावा, मलिक ने निजी जीवन में बड़ा बदलाव करते हुए पत्नी Mushaal Hussein Mullick से अलग होने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि लंबी जेल की सजा के कारण वे संपर्क बनाए रखने में असमर्थ हैं। कोर्ट ने इस सबमिशन को स्वीकार कर लिया है और मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर, 2026 के लिए तय की गई है।
