IT सलूशन कंपनी Xtranet Technologies के IPO में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। कंपनी का IPO आज बंद हुआ और अंतिम दिन तक यह **3.02 गुना** सब्सक्राइब हो गया। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की अच्छी मांग ने इसे सहारा दिया।
Detailed Coverage
IPO में क्या रहा खास?
Xtranet Technologies का ₹166.80 करोड़ का IPO, जो 27 जुलाई को बंद हुआ, कुल मिलाकर 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ। बोली के आखिरी दिन तक कंपनी को लगभग 91.93 लाख शेयरों के मुकाबले 2.77 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए ऑर्डर मिले। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने सबसे ज्यादा 4.6 गुना बोली लगाई, जबकि रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) की तरफ से 3.54 गुना सब्सक्रिप्शन आया।
IPO से जुटाई रकम का होगा क्या?
कंपनी ने इस फ्रेश इश्यू के लिए ₹120 से ₹127 प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा था, जिसमें 1.31 करोड़ इक्विटी शेयर ऑफर किए गए थे। IPO से जुटाई गई कुल ₹166.80 करोड़ की रकम का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज चुकाने, कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) करने और रोजमर्रा के वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹665 करोड़ आंका गया है। पब्लिक निवेशकों के लिए बोली शुरू होने से पहले, कंपनी ने 10 एंकर निवेशकों से ₹50.04 करोड़ जुटाए थे, जिनमें Taurus Midcap MF और Steptrade Revolution Fund जैसे नाम शामिल थे।
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की राह
31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, Xtranet Technologies ने ₹366.01 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹40.73 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में आय में 32% और प्रॉफिट में 36% की ग्रोथ दिखाता है। हालाँकि, यह बढ़त अच्छी है, लेकिन नए कैपिटल के जुड़ने के बाद कंपनी इन मार्जिन को बनाए रख पाएगी या नहीं, यह देखना अहम होगा। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कर्ज चुकाने और विस्तार योजनाओं को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है।
जोखिम और बाजार की चाल
बाजार के अनौपचारिक आंकड़ों (Grey Market) के मुताबिक, इस IPO में लिस्टिंग पर 7-8% तक का गेन मिल सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ एक अनुमान होता है और यह बाजार के सेंटिमेंट पर निर्भर करता है, न कि कंपनी के फंडामेंटल पर। ये आंकड़े लिस्टिंग प्राइस के प्रदर्शन का संकेत नहीं देते। अलॉटमेंट का इंतजार कर रहे निवेशक 28 जुलाई को होने वाली आधिकारिक घोषणा पर नजर रखें। ट्रेडिंग की शुरुआत 30 जुलाई को BSE और NSE पर होने की उम्मीद है। लिस्टिंग के बाद, कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता और IT सलूशन बिजनेस को बढ़ाने का ट्रैक रिकॉर्ड अहम होगा।
