ई-वेरिफिकेशन की वैधता सीमा
आयकर विभाग के नए नियमों के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करना ही काफी नहीं है। अब, फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। अगर आप इस समय सीमा में ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका टैक्स रिटर्न रद्द माना जाएगा। इसका मतलब है कि आपने भले ही समय पर रिटर्न फाइल कर दिया हो, लेकिन ई-वेरिफिकेशन के बिना वह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। इससे आपको किसी भी बकाया टैक्स पर ब्याज भरना पड़ सकता है और आपका रिफंड भी अटक सकता है।
ऑनलाइन वेरिफिकेशन में रिस्क
पहले फिजिकल ITR-V फॉर्म भेजकर वेरिफिकेशन का विकल्प था, लेकिन अब यह बंद हो गया है। अब सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। आपको आधार OTP, नेट बैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) जैसे तरीकों से ई-वेरिफाई करना होगा। लेकिन, इसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या या बैंक रिकॉर्ड में नाम/मोबाइल नंबर का मेल न खाने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। अगर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल एड्रेस में कोई छोटी सी भी गलती है, तो आप समय पर ई-वेरिफिकेशन नहीं कर पाएंगे। ऐसे में, आखिरी समय का इंतजार करना भारी पड़ सकता है।
कार्रवाई न करने का बड़ा नुकसान
अगर आपका रिटर्न ई-वेरिफाई नहीं हुआ है, तो यह सिस्टम में 'Pending' दिखाएगा। इससे आपका रिफंड जारी नहीं होगा और न ही भरे गए टैक्स को किसी और देनदारी के अगेंस्ट एडजस्ट किया जा सकेगा। ई-वेरिफिकेशन न होना टैक्स विभाग को यह संकेत दे सकता है कि आपकी रिकॉर्ड कीपिंग ठीक नहीं है या आपकी पहचान संबंधी कोई समस्या है। ऐसे में, आपका केस ऑटोमेटिक ऑडिट के लिए सेलेक्ट हो सकता है। ई-वेरिफिकेशन को नजरअंदाज करने का मतलब है कि आप टैक्स विभाग को देरी करने या कंप्लायंस रिव्यू शुरू करने का मौका दे रहे हैं।
कंप्लायंस साइकिल का मैनेजमेंट
सही कंप्लायंस के लिए सिर्फ डेटा सबमिट करना काफी नहीं है। ई-वेरिफिकेशन को रिटर्न फाइलिंग का ही एक जरूरी हिस्सा मानें। आप टैक्स पोर्टल पर 'View Filed Returns' सेक्शन में जाकर अपने रिटर्न की स्टेटस चेक कर सकते हैं। इससे आपको पता चलता रहेगा कि आपका रिटर्न 'Pending' है या 'Successfully e-Verified' हो गया है। ज्यादा नेट-वर्थ वाले या बार-बार फाइल करने वाले लोगों के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे वे मोबाइल OTP की झंझट से बच सकते हैं और 30 दिन की समय सीमा खत्म होने से पहले ही अपना वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।
