दुर्गा पूजा के त्योहार को देखते हुए West Bengal प्रशासन ने कोलकाता में फूड सेफ्टी के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। अधिकारियों ने कई ठिकानों से मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की है।
रेड और कार्रवाई का दायरा
West Bengal सरकार ने त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरे राज्य में फूड सेफ्टी को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। कोलकाता के मशहूर टंगरा (Tangra) और अन्य फूड हब में की गई छापेमारी के दौरान सैकड़ों किलो पुराना मांस और हानिकारक केमिकल डाई वाली खाद्य सामग्रियां जब्त की गई हैं। कई बड़े होटल्स और भोजनालयों को या तो नोटिस थमाया गया है या अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर क्या असर?
यह कार्रवाई फिलहाल छोटे और अन-ऑर्गेनाइज्ड (Unorganized) फूड आउटलेट्स पर केंद्रित है, लेकिन इसने पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आने वाले समय में:
- ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़त: रेस्तरां मालिकों को अब कोल्ड चेन मैनेजमेंट और ऑडिटिंग पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
- मार्केट शेयर में बदलाव: सख्त नियमों के कारण उपभोक्ता अब नामी और पारदर्शी ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे संगठित क्षेत्र (Organized players) को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का यह 'जीरो टॉलरेंस' वाला रवैया आने वाले दिनों में इंडस्ट्री में सप्लाई चेन पारदर्शिता को और अनिवार्य बना सकता है।
