पश्चिम बंगाल में सरकारी कामों में बड़ी रुकावट आ गई है। जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र और पासपोर्ट के लिए **25,000** से ज़्यादा आवेदन और **20,000** पासपोर्ट रिक्वेस्ट अटके हुए हैं। नए नियमों और डिजिटल सिस्टम में बदलाव के कारण ये देरी हो रही है, जिससे लोगों को शिक्षा, इलाज और नौकरी के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं मिल पा रहे हैं।
सरकारी दफ्तरों में कामकाज धीमा
पश्चिम बंगाल के नागरिकों को सरकारी दस्तावेज़ मिलने में भारी देरी का सामना करना पड़ रहा है। पहचान पत्र, जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और विदेश यात्रा के लिए ज़रूरी हैं, उन्हें प्राप्त करने में लोगों को परेशानी हो रही है। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के पास जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लगभग 25,000 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा, 20,000 से ज़्यादा पासपोर्ट आवेदन और हज़ारों रिन्यूअल रिक्वेस्ट भी स्थानीय पुलिस विभागों में अटके हुए हैं।
देरी की वजह क्या है?
यह रुकावट राज्य में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद पुराने डिजिटल प्रोसेसिंग सिस्टम को बंद करने और नई, ज़्यादा जटिल जांच प्रक्रिया लागू करने के कारण हुई है। व्यवस्था में अचानक हुए इस बदलाव ने दस्तावेज़ जारी करने की गति को काफी धीमा कर दिया है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब म्युनिसिपल कमिश्नर को KMC अधिकार क्षेत्र में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए जिला रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। विशेषज्ञों और आम नागरिकों का मानना है कि इस एक व्यक्ति पर काम का बोझ बढ़ने से मौजूदा आवेदनों की भारी संख्या को संभालना मुश्किल हो रहा है।
आम नागरिकों पर असर
इस देरी का सीधा असर छात्रों पर पड़ रहा है जिन्हें यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अपने रिकॉर्ड की ज़रूरत है, मरीज़ों को विदेश में तुरंत इलाज की ज़रूरत है, और उन प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है जो अंतरराष्ट्रीय नौकरी के लिए यात्रा दस्तावेज़ों का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि ये समस्या राज्य में चल रहे प्रशासनिक बदलावों के कारण है, और लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कब डिजिटल प्रक्रियाएं सुधरेंगी और यह बैकलॉग क्लियर होगा।
आने वाले समय में, यह देखना अहम होगा कि कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य के प्रशासनिक विभाग कब तक डिजिटल प्रक्रियाओं को सामान्य करते हैं और नई जांच प्रक्रियाओं को आसान बनाते हैं। अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति या नई प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने से इस बैकलॉग को खत्म करने और समय पर सेवाएं बहाल करने में मदद मिल सकती है।
