पश्चिम बंगाल सरकार अपने शहरी कचरा प्रबंधन (urban waste management) को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। राज्य में अब QR-कोड वाली डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और GPS-ट्रैक वाली गाड़ियों का इस्तेमाल होगा। साथ ही, **2026-27** तक **67** नए प्रोसेसिंग प्लांट तैयार करने का लक्ष्य है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था में क्रांति आ जाएगी।
Detailed Coverage
टेक्नोलॉजी से कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा
पश्चिम बंगाल सरकार ने शहर की सफाई व्यवस्था को हाई-टेक बनाने की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत, घरों में QR-कोड लगाए जाएंगे ताकि कचरा कलेक्शन पर नज़र रखी जा सके। वहीं, कचरा उठाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकर लगाए जाएंगे, जिससे उनकी लोकेशन और रूट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और कलेक्शन की एफिशिएंसी को बढ़ाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश
शहरी कचरे की बढ़ती मात्रा से निपटने के लिए, राज्य अपने प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत कर रहा है। फिलहाल 16 वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट चालू हैं। सरकार ने पुष्टि की है कि 67 अतिरिक्त प्लांट निर्माणाधीन हैं और इनके 2026-27 के अंत तक चालू हो जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, क्षमता को और बढ़ाने के लिए 32 और नई सुविधाओं की योजना है। सरकार का एक बड़ा लक्ष्य राज्य भर में पुराने कचरा स्थलों (legacy waste sites) का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना है, जिसके लिए 31 मई, 2027 की समय-सीमा तय की गई है। इससे जमीन को खाली कराने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले खतरों को कम करने में मदद मिलेगी।
खाने की बर्बादी रुकेगी, कैंटीन में भी सुधार
कचरा प्रबंधन के अलावा, राज्य खाने की बर्बादी को कम करने के लिए एक फूड रिकवरी प्रोग्राम भी शुरू कर रहा है। इस पहल के तहत होटलों, रेस्तरां और इवेंट वेन्यू से बचे हुए अतिरिक्त खाने को इकट्ठा किया जाएगा। इस खाने को सुरक्षित रखने और ट्रांसपोर्ट करने के लिए एक खास कोल्ड-चेन नेटवर्क का इस्तेमाल होगा। फूड सेफ्टी ऑफिसरों द्वारा क्वालिटी चेक के बाद, यह खाना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बांटा जाएगा। इसके साथ ही, राज्य अपनी 390 मौजूदा सब्सिडाइज्ड कैंटीन को भी बेहतर बनाने की योजना बना रहा है। इन कैंटीन में 85,000 रोजाना आने वाले मेहमानों के लिए बैठने की सुविधा बढ़ाई जाएगी, लेकिन खाने की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
भविष्य की राह
निवेशकों और हितधारकों के लिए, राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर नजर रखने में कुछ मुख्य बातें होंगी: 67 निर्माणाधीन प्लांट के कमीशनिंग का समय और फूड रिकवरी प्रोग्राम के लिए कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स का सफल कार्यान्वयन। नए GPS और QR कोड मॉनिटरिंग सिस्टम की एफिशिएंसी भी यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि क्या राज्य 100% डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट से बेहतर रिसोर्स रिकवरी का लक्ष्य हासिल कर पाता है या नहीं।
