West Bengal के विपक्षी नेता Suvendu Adhikari ने सनसनीखेज दावा किया है कि उन्हें 64 Trinamool Congress विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उनका कहना है कि अब BJP के पास **294** विधानसभा सीटों में से **275** सीटों का बहुमत है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ देखने को मिल रहा है। विपक्षी नेता Suvendu Adhikari ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि Bharatiya Janata Party को अब विधानसभा में 275 सदस्यों का साथ हासिल है। यह आंकड़ा राज्य की कुल 294 सीटों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। Adhikari के मुताबिक, उनके इस दावे के पीछे 64 मौजूदा Trinamool Congress विधायकों का समर्थन है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव
राज्य का सियासी माहौल तेजी से बदल रहा है। 'Democratic Trinamool Congress' के उदय और मौजूदा राजनीतिक गुटबाजी ने राज्य के पावर स्ट्रक्चर को हिलाकर रख दिया है। अब मूल पार्टी को 'Mamata All India Trinamool Congress' के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, Nationalist Citizens Party of India और National Democratic Alliance के साथ कई सांसदों की बढ़ती नजदीकियों ने विधानसभा के अंकगणित (Arithmetic) को पूरी तरह बदल दिया है।
निवेशकों और कॉर्पोरेट जगत पर असर
बिजनेस कम्युनिटी और निवेशकों के लिए यह घटनाक्रम काफी अहम है। किसी भी राज्य में प्रशासनिक स्थिरता (Administrative Stability) व्यापारिक वातावरण के लिए रीढ़ की हड्डी होती है। निवेशकों को डर है कि यदि विधानसभा में अनिश्चितता बनी रहती है, तो सरकारी प्रोजेक्ट्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और जरूरी अप्रूवल में देरी हो सकती है।
Adhikari ने इसे एक 'सुधार काल' करार दिया है। कोलकाता में हाल ही में हुई दुखद घटनाओं के बाद, सुशासन और आपदा प्रबंधन पर पहले से ही भारी दबाव है। आने वाले सत्र में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये दावे फ्लोर टेस्ट तक पहुँचते हैं। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राज्य में पॉलिसी की निरंतरता बनी रहेगी या नहीं।
