पश्चिम बंगाल सरकार की अन्नपूर्णा भंडार कल्याण योजना के लाभार्थियों को अगस्त महीने की ₹3,000 की किस्त मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह देरी पात्रता सत्यापन और बैंक खातों को जोड़ने में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण है।
पश्चिम बंगाल सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना, जिसके तहत योग्य महिलाओं को सीधे बैंक खाते में ₹3,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, इस समय अगस्त 2026 के भुगतान में देरी का सामना कर रही है। कई लाभार्थियों ने रिपोर्ट किया है कि नियमित मासिक भुगतान के बावजूद उनके खाते में पैसे जमा नहीं हुए हैं।
सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि यह देरी मुख्य रूप से एक कड़ी सत्यापन प्रक्रिया के कारण है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि केवल योग्य उम्मीदवार ही धनराशि प्राप्त करें। इसके लिए आवेदनों की जांच की जा रही है ताकि अयोग्य व्यक्तियों, जैसे सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता, को बाहर किया जा सके। हालांकि यह कदम योजना को अधिक कुशल बनाने के लिए है, लेकिन इसने भुगतान चक्र में एक अस्थायी बाधा उत्पन्न कर दी है।
भुगतान में देरी के लिए तकनीकी चुनौतियां भी जिम्मेदार हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली में लाभार्थी के बैंक खाते, आधार नंबर और सरकारी रिकॉर्ड के बीच सटीक तालमेल की आवश्यकता होती है। DBT स्टेटस निष्क्रिय होना, आधार खाते लिंक न होना, या पंजीकरण के दौरान प्रस्तुत डेटा में विसंगतियां जैसी समस्याएं अक्सर भुगतान विफल होने के सामान्य कारण हैं।
जो लाभार्थी अपने भुगतान की स्थिति को लेकर चिंतित हैं, वे पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपने आवेदन की जांच कर सकते हैं। स्टेटस डैशबोर्ड यह स्पष्ट करता है कि आवेदन स्वीकृत, लंबित या अस्वीकृत है। यदि आवेदन की स्थिति 'बैंक खाता अमान्य' (Bank Account Invalid) दिखाती है या अन्य त्रुटियां दर्शाती है, तो लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने स्थानीय ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) कार्यालय जाने की सलाह दी जाती है ताकि रिकॉर्ड ठीक किए जा सकें।
हालांकि यह एक सरकारी कल्याणकारी पहल है, न कि कोई कॉर्पोरेट इकाई या सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाला स्टॉक, इस स्थिति ने महत्वपूर्ण सार्वजनिक ध्यान आकर्षित किया है। राज्य भर में विरोध प्रदर्शनों की खबरें भी सामने आई हैं। मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी सत्यापित और योग्य महिलाओं को, एक बार जब दस्तावेज़ीकरण और सत्यापन की बाधाएं दूर हो जाएंगी, तो अंततः उनका भुगतान मिल जाएगा। प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु सरकारी पोर्टल पर उनकी विशिष्ट आवेदन स्थिति है, जो यह इंगित करेगा कि स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर और कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
