केमिकल मैन्युफैक्चरिंग से निकलकर Agri और IT सेक्टर में एंट्री करने वाली Vellora Impact ने सितंबर तिमाही में **₹6.71 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है, लेकिन निवेशकों की नजर नए बिजनेस मॉडल और ऑडिटर की टिप्पणियों पर टिकी है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Vellora Impact Limited ने 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹6.71 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹6.60 करोड़ के मुकाबले 1.66% की मामूली बढ़ोतरी है। इन नतीजों के बाद कंपनी का शेयर 5% उछलकर ₹10.16 के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी ने 1 जनवरी, 2026 से अपने पुराने केमिकल बिजनेस को छोड़कर पूरी तरह से एग्रीकल्चर (कृषि) और IT सेक्टर में शिफ्ट होने का फैसला किया है। इस रणनीतिक बदलाव का असर रेवेन्यू पर साफ दिख रहा है, जो पिछले साल के ₹2.17 करोड़ से बढ़कर इस तिमाही में ₹148.64 करोड़ हो गया है।
कारोबार का नया स्वरूप
कंपनी अब दो मुख्य वर्टिकल में काम कर रही है:
- एग्रीकल्चर: यहाँ कंपनी अनाज, दालें और सब्जियों की सोर्सिंग और सप्लाई करती है।
- IT सेक्टर: यहाँ कंपनी एंटरप्राइज क्लाइंट्स को टेक्निकल सॉल्यूशंस और टैलेंट सपोर्ट मुहैया कराती है।
2026-27 के पहले हाफ में कंपनी ने कुल ₹290.56 करोड़ का रेवेन्यू और ₹12.63 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह मुनाफा ₹4.49 करोड़ था।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
तेजी के बावजूद निवेशकों को कुछ अहम बातों पर गौर करना चाहिए:
- ऑडिटर की चिंता: ऑडिटर की रिपोर्ट में 'क्वालीफाइड ओपिनियन' दिया गया है, जो एम्प्लॉई बेनिफिट्स से जुड़े अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स में खामियों की ओर इशारा करता है।
- प्रमोटर होल्डिंग: कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी मात्र 3.12% है, जो लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
- भविष्य की योजना: कंपनी ने BSE से राइट्स इश्यू के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी ले ली है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने नए बिजनेस मॉडल को स्केल करने में कैसे करती है।
