Vedanta ग्रुप की डीमर्ज हुईं कंपनियों - Oil & Gas, Iron & Steel, और Power के शेयरों में 1 जुलाई 2026 को जोरदार उछाल देखा गया। इनमें से कई स्टॉक्स अपर सर्किट पर पहुंच गए। 15 जून को लिस्ट हुए इन शेयरों पर अभी 'T' ग्रुप की पाबंदी है, जिसके तहत सिर्फ डिलीवरी-आधारित ही ट्रांजैक्शन हो सकते हैं। निवेशक इन नई स्वतंत्र बिजनेस यूनिट्स की ग्रोथ संभावनाओं और क्रेडिट प्रोफाइल का आकलन कर रहे हैं।
क्या हुआ?
1 जुलाई 2026 को Vedanta ग्रुप की डीमर्ज एंटिटीज के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई। इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान इनकी कीमतों में 10% से लेकर 20% तक का उछाल आया। Vedanta Oil & Gas, Vedanta Iron & Steel, और Vedanta Power - ये तीनों कंपनियां 15 जून 2026 को अलग-अलग लिस्ट होने के बाद से ही मार्केट में चर्चा में हैं। शेयरों में इस तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी बढ़ा, जो इन नई यूनिट्स के लिए मजबूत मार्केट एक्टिविटी का संकेत है।
कैसा रहा शेयरों का प्रदर्शन?
- Vedanta Oil & Gas में 20% की तेजी आई और यह ₹38.76 पर अपने अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस काउंटर पर भारी ट्रेडिंग हुई, जिसमें करीब 190 मिलियन शेयर बदले गए। वहीं, निवेशकों ने 11 मिलियन से ज्यादा शेयर खरीदने के ऑर्डर पेंडिंग रखे।
- इसी तरह, Vedanta Iron & Steel 10% के अपर सर्किट पर ₹38.77 पर बंद हुआ। यह स्टॉक के लिए एक बड़ी रिकवरी है, क्योंकि लिस्टिंग वाले दिन यानी 15 जून 2026 को यह अपने लो ₹19.60 से लगभग दोगुना हो गया है।
- Vedanta Power में 17% का इजाफा हुआ और यह ₹47.20 पर पहुंच गया। इस यूनिट के ट्रेडिंग वॉल्यूम में तीन गुना बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें एक्सचेंजों पर 187 मिलियन शेयर ट्रेड हुए। यह प्रदर्शन तब खास था जब BSE Sensex में उसी दिन महज 0.7% की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी।
ट्रेडिंग पाबंदियां ध्यान में रखें
निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि ये डीमर्ज्ड स्टॉक्स फिलहाल 'T' ग्रुप की पाबंदियों के तहत ट्रेड हो रहे हैं। इसका मतलब है कि इंट्रा-डे ट्रेडिंग (एक ही दिन में मुनाफा कमाने के लिए शेयर खरीदना और बेचना) की इजाजत नहीं है। सभी ट्रांजैक्शन में शेयर की डिलीवरी लेना जरूरी है, यानी खरीदार को शेयरों का मालिकाना हक लेना ही होगा। इस स्ट्रक्चर के कारण अक्सर लिक्विडिटी कम रहती है और जब बाइंग प्रेशर सेलिंग प्रेशर से ज्यादा होता है, तो कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जैसा कि Oil & Gas और Iron & Steel यूनिट्स में अपर सर्किट लगने से दिखा।
फंडामेंटल बिजनेस कॉन्टेक्स्ट
शेयरों में यह हलचल स्टैंडअलोन बिजनेस के री-इवैल्यूएशन के बाद देखने को मिली है।
- Vedanta Oil & Gas को एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेक्टर में एक बड़ा प्राइवेट प्लेयर माना जाता है और इसकी ICRA AA+ (Stable) रेटिंग इसकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को दर्शाती है।
- Vedanta Iron & Steel फिलहाल एक डेट-फ्री एंटिटी है और इसके पास आयरन ओर रिसोर्सेज तक पहुंच है, जिसका फायदा उठाकर मैनेजमेंट भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में योगदान देना चाहता है।
- वहीं, Vedanta Power बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए 20 GW की कैपेसिटी एक्सपेंशन पर फोकस कर रहा है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने यह भी कहा है कि ग्रुप की मजबूत कैश जनरेट करने वाली यूनिट्स, जरूरत पड़ने पर कमजोर यूनिट्स को सपोर्ट दे सकती हैं। इसके अलावा, Vedanta Resources के लेवरेज में कमी को एक ऐसा फैक्टर माना जा रहा है जो अगले दो सालों में डेट-सर्विसिंग के बोझ को कम कर सकता है।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
निवेशक संभवतः यह देखेंगे कि डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग नियमों के तहत मौजूदा प्राइस मोमेंटम कितना टिकाऊ रह पाता है। मुख्य बातों में शामिल हैं - इन एंटिटीज की अपनी विस्तार योजनाओं को लागू करने की क्षमता, मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखना, और इंटर-कंपनी कैश फ्लो सपोर्ट को लेकर मैनेजमेंट की भविष्य की कमेंट्री। चूंकि ये कंपनियां स्टैंडअलोन तौर पर अपेक्षाकृत नई हैं, इसलिए लगातार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर अपडेट्स लॉन्ग-टर्म सेंटीमेंट के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
