भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में एक बड़ा पल आने वाला है। 15 अगस्त, 2026 को, पहली बार राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा। यह आयोजन गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर होगा।
'वंदे मातरम' का ऐतिहासिक गायन
15 अगस्त, 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' का गायन लाल किले की प्राचीर से पहली बार होगा। यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जो गीत की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित होगा।
'विकसित भारत' 2047 पर जोर
रक्षा मंत्रालय ने इस साल के समारोह को 'युवा शक्ति' (Youth Power) पर केंद्रित किया है। इसका उद्देश्य 2047 तक 'विकसित भारत' (Developed India) के सरकारी विज़न को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करना है।
खास मेहमान और कार्यक्रम
समारोह में 2,500 कैडेट्स और स्वयंसेवकों की लाइव फॉर्मेशन के साथ-साथ एरियल फ्लाईपास्ट भी शामिल होंगे। विशेष आमंत्रितों में 2026 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में पदक जीतने वाले 19 छात्र शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान अंतरिक्ष और परमाणु प्रौद्योगिकी में राष्ट्रीय प्रगति को भी दर्शाया जाएगा।
इस साल के समारोह में लगभग 5,000 विशिष्ट मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के 'अचीवर्स' शामिल हैं। इसके अलावा, एआई (AI) की भूमिका और 1947 के बाद से राष्ट्र के विकास जैसे विषयों पर सरकारी प्रतियोगिताओं के 600 विजेता भी भाग लेंगे। निमंत्रण पत्रों में 'वंदे मातरम' की सभी छह पंक्तियों को शामिल किया गया है ताकि उपस्थित लोगों में उत्साह बढ़ाया जा सके।
यह पूरा आयोजन रक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में एक सरकारी कार्यक्रम है, जिसका मुख्य ध्यान राष्ट्रीय गौरव और 2047 के लिए विकास के लक्ष्यों पर है। इसमें किसी भी कॉर्पोरेट या स्टॉक मार्केट इकाई की कोई भूमिका नहीं है।
