उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। प्रदेश में चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है और **149** सड़कें, जिनमें **चार** नेशनल हाईवे भी शामिल हैं, पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जैसे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि पूरे प्रदेश में स्कूल **1** से **12**वीं कक्षा तक के लिए बंद कर दिए गए हैं।
बुनियादी ढांचे पर भारी बारिश का असर
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य भर में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित किया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने वार्षिक चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है, जिसने राज्य भर में 149 सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जिनमें चार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। यात्रा तब तक रोकी जा सकती है जब तक स्थानीय अधिकारी सड़क की स्थिति को सुरक्षित नहीं मान लेते।
राज्य की कनेक्टिविटी पर इस बारिश का गहरा असर पड़ा है। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी और धारचूला-तवाघाट जैसी प्रमुख सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। चमोली जिले में, मलबा और बाढ़ का पानी बाजारों में घुसने से व्यावसायिक गतिविधियां बाधित हुई हैं। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और आश्रय को प्राथमिकता दें, साथ ही नए यात्रियों को खतरनाक इलाकों की ओर जाने से रोकें।
मौसम का अलर्ट और स्कूलों में छुट्टियां
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहाँ अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। बाकी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आम जनता को जोखिम से बचाने के लिए, राज्य सरकार ने एक एहतियाती कदम के तौर पर 1 से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को तब तक बंद रखने का ऐलान किया है जब तक मौसम की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।
बचाव और राहत कार्य जारी
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय पुलिस सहित आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम संबंधी घटनाओं के बाद खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। श्यामा जैसे इलाकों में 220 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है, जिससे अवरुद्ध राजमार्गों को खोलने के प्रयासों में और जटिलताएँ आ रही हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे राज्य सरकार द्वारा जारी यात्रा सलाह और IMD से मुख्य राजमार्गों के बहाल होने और यात्रा के फिर से शुरू होने के संबंध में आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
